सावधान! बिना किसी लक्षण के लिवर और किडनी को खोखला कर रहा है यह खतरा

बरेली। क्या आप जानते हैं कि कई गंभीर और जानलेवा बीमारियां बिना किसी लक्षण के हमारे शरीर में चुपचाप पैर पसारती रहती हैं? जब तक हमें इनका पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है! क्रॉनिक किडनी डिजीज, फैटी लिवर और शुरुआती सिरोसिस ऐसी ही समस्याएं हैं, जो 30 साल से कम उम्र के युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही हैं।
​[मुख्य भाग 1: किडनी की खामोश बीमारी (Chronic Kidney Disease)]
शुरुआती दौर में किडनी की बीमारियों के कोई खास लक्षण नहीं दिखते। अक्सर किसी अन्य जांच के दौरान इनका पता चलता है।
​जब बीमारी बढ़ती है, तब पैरों में सूजन, झागदार पेशाब, पेशाब के रंग में बदलाव, लगातार थकान और सांस फूलने जैसी दिक्कतें सामने आती हैं।
​खासकर डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है।
​[मुख्य भाग 2: फैटी लिवर और सिरोसिस का खतरा]
खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
​शुरुआती अवस्था में पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या थकान महसूस हो सकती है, जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
​यदि समय रहते इसका इलाज न हो, तो यह सिरोसिस का रूप ले सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। अधिक वजन, टाइप-2 डायबिटीज़ और शराब का सेवन इस खतरे को कई गुना बढ़ा देते हैं।
​[समाधान व बचाव: समय पर जांच]
इन “साइलेंट किलर्स” से बचने का एकमात्र तरीका है—नियमित हेल्थ चेकअप। सामान्य ब्लड और यूरिन टेस्ट के जरिए शुरुआती दौर में ही इनका पता लगाकर सही समय पर इलाज संभव है।
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लक्षणों के सामने आने का इंतज़ार न करें। अगर आपके परिवार में किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारी का इतिहास है, तो आज ही अपने डॉक्टर से सलाह लें और जरूरी टेस्ट करवाएं ,सतर्क रहें, स्वस्थ रहें ।

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पं.सत्यम शर्मा

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