
बरेली। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए। यदि किसी भी दलित या वंचित वर्ग के व्यक्ति की जमीन पर दबंगों का अवैध कब्जा पाया गया, तो अधिकारी तुरंत एक्शन लेते हुए उसे अतिक्रमण मुक्त कराएं। यह सख्त हिदायत राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य राम चन्द्र कुंडे ने सर्किट हाउस सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दी।
बैठक में आयोग सदस्य ने विभिन्न विभागों के कामकाज, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और जनसमस्याओं के निस्तारण की विभागवार पड़ताल की।
थाने आने वाले हर फरियादी को मिले त्वरित न्याय
पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में आयोग से पंजीकृत कुल 62 मामले प्राप्त हुए थे, जिनमें से 58 का त्वरित निस्तारण कर दिया गया है। इस पर सदस्य कुंडे ने स्पष्ट कहा कि थानों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को संवेदनशीलता और प्राथमिकता से सुना जाए। किसी भी पीड़ित को अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें और तय समय-सीमा के भीतर ठोस कार्रवाई हो।
कोई भी आवेदन लंबित न रहे: समाज कल्याण विभाग
समीक्षा बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि:
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना: एससी/एसटी वर्ग का एक भी आवेदन लंबित नहीं है।

निराश्रित महिला पेंशन योजना: सभी पात्र महिलाओं को निरंतर जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: अगला भव्य आयोजन अक्टूबर माह में प्रस्तावित है।
शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर सख्त रुख
आयोग सदस्य ने बैठक में कई अहम बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए:
शत-प्रतिशत नामांकन: एससी/एसटी वर्ग के हर बच्चे का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित किया जाए।
एमडीएम की गुणवत्ता: स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा वातावरण की नियमित निगरानी हो।
स्वरोजगार को बढ़ावा: ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ में एससी/एसटी युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
सफाई व्यवस्था: ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात सफाईकर्मियों की उपस्थिति और निकायों में स्वच्छता व सड़क मरम्मत पर विशेष जोर दिया जाए।
“शासन की मंशा एकदम साफ है—सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और पूर्ण जवाबदेही के साथ काम करें।”
— राम चन्द्र कुंडे, सदस्य, एससी/एसटी आयोग
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सभी नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी (ईओ) सहित पुलिस, स्वास्थ्य और बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।