
बरेली। सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर एक महिला के खिलाफ अश्लील व अमर्यादित टिप्पणी करने और बरेली पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले शातिर युवक को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अयोध्या में सड़क हादसे में दिवंगत हुए उप-निरीक्षक (दरोगा) की वर्दी वाली फोटो लगाकर ‘दीपक जाट’ नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी। पकड़े गए आरोपी की पहचान बिजनौर निवासी दीपक कौशिक के रूप में हुई है, जो वर्तमान में मीरगंज स्थित एक शुगर मिल में बतौर कैमिकल एनालिसिस अधिकारी कार्यरत था। पुलिस ने उसे झुमका चौराहे से धर दबोचा।
क्या था पूरा मामला?
विगत दिनों इंस्टाग्राम पर पुलिस की वर्दी पहने एक दारोगा की डीपी लगाकर ‘दीपक जाट’ नाम की आईडी से नेहा भारती नामक महिला पर अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। पोस्ट में नियुक्ति ‘बरेली’ दर्शाई गई थी, जिसके कारण सोशल मीडिया पर लोग बरेली पुलिस को लेकर अभद्र और छवि खराब करने वाले कमेंट करने लगे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुतुबखाना चौकी प्रभारी उ0नि0 अनूप सिंह की तहरीर पर थाना कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर केस की जांच साइबर क्राइम थाने को सौंपी गई।
शहीद दारोगा की फोटो का किया था इस्तेमाल
साइबर सेल द्वारा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने जिस फोटो का इस्तेमाल किया था, वह मिर्जापुर निवासी दिवंगत उप-निरीक्षक आकाश यादव की थी, जिनकी कुछ माह पूर्व अयोध्या में रात्रि गश्त के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई थी। आरोपी ने सोचा था कि पुलिस वर्दी वाली डीपी लगाकर कमेंट करने से वह पकड़ा नहीं जाएगा। हालांकि विवाद बढ़ने पर उसने आईडी डिलीट कर दी थी, लेकिन तब तक वह साइबर पुलिस के रडार पर आ चुका था।
झुमका चौराहे से हुई गिरफ्तारी
साइबर सेल ने सर्विलांस और आईएमईआई नंबरों की तकनीकी जांच के बाद 28 वर्षीय दीपक कौशिक (निवासी ग्राम रतुपुरा, थाना रायपुर देहात, बिजनौर) को चिन्हित किया। बृहस्पतिवार को साइबर थाना पुलिस ने झुमका चौराहे पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से सैमसंग गैलेक्सी F15 मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल किए गए दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
मामले में 67 आईटी एक्ट के साथ ही बीएनएस की धारा 319(2)/356 और 66सी आईटी एक्ट की बढ़ोत्तरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस मामले का पर्दाफाश करने वाली साइबर क्राइम टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पाण्डेय, उप-निरीक्षक गुरमीत तोमर, उप-निरीक्षक सौरव तोमर, हेड कांस्टेबल विलीश कुमार और कांस्टेबल विवेक कुमार शामिल रहे।