
AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी का कानपुर में एक अलग अंदाज देखने को मिला। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने राजनीतिक मुद्दों के साथ पति-पत्नी के रिश्ते और प्यार को लेकर भी लोगों को सलाह दी। उनके इस अंदाज ने सभा में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
पत्नी से प्यार का इजहार करने की दी सलाह
कानपुर की सभा में ओवैसी ने लोगों से कहा कि पत्नी के सामने अपने प्यार का इजहार करने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि सुबह उठने के बाद, दिन के दौरान और रात में सोने से पहले पत्नी से अपने प्यार का इजहार करें।
ओवैसी ने खास तौर पर लोगों से कहा कि अपनी पत्नी की आंखों में देखकर ‘आई लव यू’ कहें। उनके इस अंदाज को सभा में मौजूद लोगों ने हल्के-फुल्के माहौल में सुना।
प्यार की बात से राजनीति तक पहुंचे ओवैसी
ओवैसी ने अपने भाषण में पति-पत्नी के रिश्ते का उदाहरण देते हुए राजनीतिक समर्थन की बात भी की। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्यार को खुलकर जाहिर किया जाता है, उसी तरह राजनीतिक पसंद को भी छिपाने की जरूरत नहीं है।
AIMIM प्रमुख ने लोगों से अपनी पार्टी को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि अगर वे AIMIM से जुड़ाव महसूस करते हैं तो उसे खुलकर व्यक्त करें।
कानपुर कैंट से चुनाव लड़ने का ऐलान
कानपुर की सभा में ओवैसी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर AIMIM की तैयारियों का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कानपुर कैंट विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान वह कानपुर के कई दौरे करेंगे।
गठबंधन को लेकर भी ओवैसी का बड़ा बयान
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावनाओं को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि AIMIM उन दलों के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार है, जो भाजपा को उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने से रोकने के उद्देश्य से साथ आना चाहते हैं।
ओवैसी ने कहा कि किसी एक विपक्षी दल के अकेले मुकाबला करने के बजाय समान विचार वाले दलों को साथ आने पर विचार करना चाहिए। AIMIM प्रमुख के मुताबिक उनकी पार्टी गठबंधन से जुड़ा फैसला 2 अक्टूबर तक घोषित कर सकती है।
यूपी चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। AIMIM भी राज्य में अपना संगठन मजबूत करने और संभावित गठबंधन को लेकर सक्रिय है। कानपुर की सभा में ओवैसी ने राजनीतिक मुद्दों के साथ सामाजिक और शैक्षिक विषयों को भी उठाया और मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा सामने रखा।
ऐसे में कानपुर में ओवैसी का ‘लव गुरु’ वाला अंदाज जहां चर्चा में है, वहीं उनके गठबंधन संबंधी बयान ने यूपी की चुनावी राजनीति में AIMIM की आगे की रणनीति को लेकर भी ध्यान खींचा है।