
बरेली , सीबीगंज। क्षेत्र के चन्दपुर जोगियान गांव में सुबह आए भीषण आंधी ने आस्था के एक बड़े केंद्र को जमींदोज कर दिया। गांव के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में खड़ा करीब एक सदी सौ वर्ष पुराना विशालकाय बरगद का पेड़ तेज हवाओं के झोंके नहीं झेल सका और भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पेड़ के गिरते ही ग्रामीणों में शोक और मायूसी सी छा गई।
सैकड़ों परिवारों की आस्था का था केंद्र
यह वटवृक्ष महज एक पेड़ नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताओं का साक्षी था।
वट सावित्री का प्रमुख स्थल: हर साल वट सावित्री व्रत पर दूर-दराज से सुहागिनें यहां अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए परिक्रमा व पूजा करने जुटती थीं।
धार्मिक अनुष्ठानों का केंद्र: मंदिर परिसर में होने वाले लगभग सभी बड़े अनुष्ठान इसी वृक्ष की छांव में संपन्न होते आए थे।
पेड़ धराशायी होने की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों का तांता लग गया। बुजुर्गों और महिलाओं की आंखें उस धरोहर को जमीन पर देख भर आईं, जिसे उन्होंने बचपन से देखा और पूजा था। ग्रामीणों का कहना है कि तूफान ने सिर्फ एक पेड़ नहीं गिराया, बल्कि गांव की कई पीढ़ियों की साझी स्मृतियों और आस्था के प्रतीक को उनसे छीन लिया।