
बरेली। बरेली के दर्जी चौक में 6 सितंबर की भारी बारिश के बाद एक विवादित प्रॉपर्टी की दीवार गिरने से नाली चौक हो गई है और इलाके में गंदगी व बीमारी का खतरा बढ़ गया है; स्थानीय निवासी धीरज कपूर ने नगर आयुक्त से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
घटनाक्रम और स्थिति:
6 सितंबर को बरेली में हुई मूसलाधार बारिश (24 घंटे में 381.1 मिमी रिकॉर्ड) के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव, दीवारें गिरना और नालियों के चौक होने की घटनाएं सामने आईं।
इसी क्रम में दर्जी चौक, बड़ा बाजार स्थित एक विवादित प्रॉपर्टी की दीवार गिर गई, जिससे नाली चोक हो गई और गंदगी फैलने लगी।
स्थानीय निवासी धीरज कपूर और गौरव अरोरा के अनुसार, उन्होंने कई बार क्षेत्र के सभासद और हल्का इंस्पेक्टर से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिम:
नाली चोक होने और गंदगी जमा होने से जलजनित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया, हैजा आदि) का खतरा बढ़ गया है, जैसा कि रेजिडेंसी गार्डन जैसे अन्य इलाकों में जलभराव के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की नौबत आई थी।
बारिश से कमजोर हुई दीवारें और मलबा आवागमन में बाधा बन रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग:
धीरज कपूर ने नगर आयुक्त, नगर निगम बरेली को संबोधित पत्र में त्वरित समाधान की अपील की है, ताकि नाली साफ करवाकर गंदगी हटाई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न रहे।
पीयूसीएल जिला इकाई बरेली ने भी 15 सितंबर को महापौर को ज्ञापन सौंपकर जलभराव और ड्रेनेज के स्थायी समाधान की मांग की है, जो दर्जी चौक जैसी स्थितियों से जुड़ी चिंताओं को रेखांकित करता है।
आगे की कार्रवाई:
नगर निगम की टीमें सक्शन पंप और टैंकरों से पानी निकालने और गंदगी की सफाई के निर्देशों के तहत काम कर रही हैं; दर्जी चौक में भी ऐसी ही त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है, जो इस इलाके में भी लागू हो सकता है।
यह घटना बरेली में बारिश के बाद नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाती है, जहां स्थानीय निवासियों को त्वरित राहत की आवश्यकता है। क्षेत्र के मनीष पाराशर, हरि कपूर, रूप किशोर टंडन, विशाल टण्डन, पूनम टंडन, प्रगति आदि ने जल्द नगर आयुक्त से मिलकर शिकायत की बात कही गई है।