
बरेली। जिला कारागार में बंदियों को शिक्षा, सुधार, कौशल विकास और पुनर्वास से जोड़ने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। इसी क्रम में 50 निरक्षर बंदियों, जिनमें पांच महिला बंदी भी शामिल हैं, को साक्षर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत बंदी आगामी 20 सितंबर 2026 को नवसाक्षर बंदी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा में सफल बंदियों को शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

इससे पहले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर कमल फाउंडेशन, फिरोजाबाद के सहयोग से 50 निरक्षर बंदियों के लिए सुलेख प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बंदियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बंदी साहिल ने प्रथम, बंदी राशिद ने द्वितीय और बंदी कृष्ण कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बरेली की सचिव जया प्रियदर्शिनी ने बंदियों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जेल में मिले समय का सदुपयोग करें और शिक्षा हासिल कर बेहतर इंसान बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।
जेल अधीक्षक आलोक कुमार शुक्ला ने कहा कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा के साथ जल्द ही व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम में जेल प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।