
बरेली। आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर के एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन (ABI) सेंटर एवं पशु पोषण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “पशु आहार प्रौद्योगिकियों पर उद्यमिता विकास कार्यक्रम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों, पशुपालकों, युवाओं एवं भावी उद्यमियों को वैज्ञानिक पशु आहार निर्माण और इससे व्यवसाय स्थापित करने की तकनीकी जानकारी दी गई।
संस्थान की संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रूपसी तिवारी ने कहा कि संतुलित एवं वैज्ञानिक पशु आहार से पशुओं का स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता बेहतर होने के साथ पशुपालकों की आय भी बढ़ाई जा सकती है। प्रतिभागियों को उद्यम स्थापना, वित्तीय प्रबंधन और ऋण सुविधाओं की जानकारी देने के साथ सफल उद्यमियों से अनुभव साझा कराया जाएगा।
पशु पोषण विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण दत्ता ने स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग से पशुपालन की लागत घटाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में संतुलित राशन निर्माण, फीड प्रसंस्करण, खनिज मिश्रण, प्रोबायोटिक्स-प्रीबायोटिक्स, माइकोटॉक्सिन प्रबंधन समेत पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादकता से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. एम.के. सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में डेयरी एवं कुक्कुट आहार निर्माण, फीड प्लांट, पैकेजिंग, साइलेज-हे निर्माण, दूध प्रसंस्करण, गैर-पारंपरिक आहार संसाधन और मीथेन उत्सर्जन में कमी जैसे विषय शामिल हैं। साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता, विपणन और पशु आहार व्यवसाय स्थापित करने की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अंजु काला, डॉ. सागर चंद सहित पशु पोषण विभाग एवं एबीआई सेंटर के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।