
बरेली। जलभराव जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्वयं हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर तत्काल आवश्यक कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त की यह तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली प्रशासनिक जिम्मेदारी की एक मिसाल के तौर पर सामने आई। आमतौर पर कार्यालयों तक सीमित रहने वाली प्रशासनिक व्यवस्था के बीच अधिकारी का स्वयं मौके पर पहुंचना और जनता की समस्याओं को प्रत्यक्ष सुनना लोगों के लिए राहत और भरोसे का संदेश बना।
नगर आयुक्त ने समस्या के स्थायी और प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उनकी सक्रियता से साफ संदेश गया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता के बीच पहुंचकर समस्या सुनना, मौके पर कार्रवाई शुरू कराना और समाधान तक निगरानी बनाए रखना—यही एक जिम्मेदार और संवेदनशील प्रशासन की पहचान है। नगर आयुक्त की यह सक्रियता निश्चित रूप से शहरवासियों के विश्वास को और मजबूत करती है।