
बरेली। पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी ने बरेली परिक्षेत्र के चारों जनपदों के पुलिस अधीक्षकों के साथ अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में IGRS शिकायतों, CCTNS पर 60/90 दिन से लंबित विवेचनाओं तथा ई-साक्ष्य ऐप के अधिकाधिक उपयोग की समीक्षा की गई। अधिकारियों को वीडियोग्राफी बयान, फोटो व फॉरेन्सिक रिपोर्ट जैसे साक्ष्यों को ई-साक्ष्य से जोड़ने के निर्देश दिए गए। न्यायालयों से समन्वय कर ई-समन की तामीला भी समय से कराने को कहा गया।
डीआईजी ने मादक पदार्थ तस्करों, गैंगस्टरों, गौतस्करों और वांछित अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तथा गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति जब्ती की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। हत्या, लूट, डकैती, वाहन चोरी, महिला अपराध, दहेज हत्या, पॉक्सो, अपहरण और धर्मान्तरण जैसे गंभीर मामलों की भी समीक्षा की गई।
साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम, साइबर हेल्प-डेस्क को सक्रिय करने और ठगी की रकम की त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया। Zero Fatality District अभियान के तहत यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए गए।
वहीं मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन, महिला बीट प्रणाली को मजबूत करने और सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी रखते हुए अफवाहों का समयबद्ध खंडन करने के भी निर्देश दिए गए। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।