
बरेली।विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम नम्रता अग्रवाल की अदालत ने 16 वर्षीय हाईस्कूल पास छात्र ‘एक्स’ को बड़ी राहत देते हुए सशर्त जमानत दे दी है। न्यायालय ने बालक के शैक्षणिक भविष्य और सुधरने के अवसरों को ध्यान में रखते हुए उसे माता-पिता की सुपुर्दगी में सौंपने का आदेश सुनाया।
पढ़ाई और साफ-सुथरे रिकॉर्ड का मिला फायदा
मामला रिठौरा के मोहल्ला धर्मपुर का है। 16 वर्ष 11 माह और 9 दिन की आयु का यह किशोर हाल ही में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका है और आगे 11वीं कक्षा में दाखिला लेकर पढ़ाई जारी रखना चाहता है। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने स्पष्ट किया कि बालक का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। वह धार्मिक पुस्तकें पढ़ने में रुचि रखता है और अनुशासित जीवन व्यतीत करता है।
अदालत की मुख्य शर्तें
विशेष न्यायालय ने छात्र हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निम्नलिखित शर्तों पर जमानत मंजूर की
बंधपत्र व जमानत 50,000 रुपये का मुचलका और एक स्थानीय ज़मानतदार प्रस्तुत करना होगा।
बालक को उसकी संरक्षिका माता दयाली की देखरेख में सौंपा जाएगा।
बालक से किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम या मजदूरी नहीं कराई जाएगी।
एडवोकेट अनिल की विधिक कुशलता की सराहना
रिठौरा के प्रसिद्ध अधिवक्ता अनिल कुमार की तीखी बहस और सटीक कानूनी दांव-पेंचों की बदौलत ही इस मासूम छात्र को जमानत मिल सकी है। इस सफलता के बाद क्षेत्र में उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है। इससे पूर्व भी एडवोकेट अनिल कई ऐसे झूठे मामलों में फंसाए गए मासूमों को न्याय दिलाकर रिहा करा चुके हैं। जमानत का आदेश मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है और बालक अब अपनी आगे की शिक्षा जारी रख सकेगा।