
बरेली। स्मार्ट सिटी की मुख्य सड़कें और फुटपाथ अवैध कब्जेदारों की मनमानी का शिकार हैं , नगर निगम की सुस्ती से कुतुबखाना घंटाघर, इंदिरा मार्केट, बरेली कॉलेज रोड और जिला अस्पताल मार्ग पर दुकानदारों ने फुटपाथ के बाद अब डिवाइडरों की कम ऊंचाई का फायदा उठाते हुए उन पर भी सामान सजा लिया है।
शहर में शायद ही कोई ऐसा बाजार होगा, जो अतिक्रमण से न कराह रहा हो और जाम झेल रहा हो। मंगलवार को जिला अस्पताल रोड तक अतिक्रमण की वजह से जाम में लोग फंस रहे हैं। एंबुलेंस को भी अस्पताल पहुंचने में जाम से गुजरना पड़ता है। बरेली कालेज और सिकलापुर रोड, सिविल लाइंस समेत कई प्रमुख मार्गों पर जितनी दुकान भीतर, उतनी ही बाहर नजर आई। यहां रोड किनारे दर्जनों वाहन भी खड़े दिखे। लोगों का कहना है कि अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है, मगर दुकानों पर बिकने वाला सामान सड़क किनारे फड़ लगाकर बेचा जा रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि फुटपाथ और डिवाइडरों पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
टीम के जाते ही सड़कों पर सज जाती हैं दुकानें
नगर निगम का प्रवर्तन दल समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाता है। कुतुबखाना और आसपास के व्यस्त बाजारों में निगम की टीम की वापसी के चंद घंटों बाद ही दुकानें दोबारा सज जाती हैं। स्थायी समाधान न होने और नाममात्र का जुर्माना लगाने के कारण अवैध कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि जब तक सामान जब्त करने और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे।