
बरेली। कलेक्ट्रेट गेट पर बुधवार को आत्मदाह के प्रयास की घटना का जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित महिला को बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और उपजिलाधिकारी सदर से जांच रिपोर्ट तलब की। प्रशासन की जांच में मामला निजी भूमि के विवाद से जुड़ा पाया गया।
संयुक्त मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी सदर इशिता किशोर के अनुसार, ग्राम मानपुर चिकटिया निवासी कमलेश ने आरोप लगाया था कि उसके प्लाट गाटा संख्या 139 में आने-जाने का रास्ता विपक्षी राजवीर सिंह द्वारा बंद किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार सदर ने राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर पैमाइश कराई।
जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता का प्लाट गाटा संख्या 139 में है, जबकि उससे सटा गाटा संख्या 145 राजवीर सिंह के नाम दर्ज है। राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति में दोनों गाटों के बीच कोई रास्ता दर्ज नहीं पाया गया। गाटा संख्या 139 में कई सहखातेदार हैं और दोनों पक्षों की भूमि श्रेणी-1क में संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मामला निजी भूमि से संबंधित होने के कारण सिविल प्रकृति का है। शिकायतकर्ता पूर्व में भी एक जुलाई को आईजीआरएस पर शिकायत कर चुकी थी। उस समय राजस्व और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच सहमति से समाधान का प्रयास किया था। सहमति नहीं बनने पर दोनों पक्षों को सिविल न्यायालय से राहत लेने की जानकारी दी गई थी। शिकायतकर्ता द्वारा सिविल न्यायालय में वाद दायर किए जाने की बात भी सामने आई है।
डीएम ने कहा कि शिकायत पर प्रशासन द्वारा पूर्व में नियमानुसार स्थलीय जांच और कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद कलेक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह जैसा कदम उठाना गंभीर और अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार का कृत्य करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।