आउट ऑफ स्कूल गरीब बच्चों की योजना को जमकर लग रहा है पलीता, बेसिक शिक्षा विभाग को नहीं कोई चिंता:


सहारनपुर /
जिले का शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदिन नीचे गिरता जा रहा है, जहां बेसिक शिक्षा विभाग आंखें मूंदे सो रहा है वही आज भी छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा से दूर कूड़ा बीनते हुए सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी पलीता लगाने पर आमादा हैं, बेसिक शिक्षा विभाग का यह आलम तब है जब सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश भी जारी किये जा चुके हैं, आपको बता दें। आउट ऑफ स्कूल योजना के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए परिवार सर्वेक्षण कार्यक्रम चलाया जाना था। इसके लिए प्रमुख सचिव बेसिक की और से आदेश भी जारी किया गया था। आउट ऑफ स्कूल के अंतर्गत स्कूली शिक्षा से दूर गरीब बच्चों को स्कूल तक लाने का प्रयास किया जाना था। ऐसे बच्चों को चिन्हित कर लक्ष्य को पूरा करने के लिए विशेष ध्यान देने का आदेश भी सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए गये थे। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अन्तर्गत यह प्रावधान है कि 6-14 आयु तक के बच्चों को निशुल्क पढ़ने का अधिकार और इस आयु में कोई भी बच्चा है तो वह पढ़ाई से वंचित न होने पाये इसकी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की निर्धारित की गयी है, लेकिन शायद इन बच्चों की शिक्षा के प्रति बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह से गंभीर नजर नहीं आ रहा है । हालांकि पिछले वर्ष के सापेक्ष गरीब बच्चों की शिक्षा के स्तर में बढ़ोतरी देखने को मिली थी, लेकिन पिछले 7-8 माह के दौरान ही शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता हुआ दिखाई देने लगा है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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