
बरेली । अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की अहम बैठक आज मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर मंथन हुआ।
बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि जनपद के सभी विद्यालय परिवहन से जुड़े निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करें। बिना मानकों को पूरा किए किसी भी वाहन या व्यवस्था को संचालित नहीं किया जाएगा।
👉 सम्भागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार, अब तक 756 स्कूल वाहनों का निरीक्षण किया जा चुका है।
इनमें से 229 वाहन पूरी तरह सत्यापित हैं, जबकि 559 वाहन अभी भी मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। ऐसे वाहनों को 15 मई तक सभी जरूरी मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
👉 अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिले में कुल 5395 वाहन पोर्टल पर ऑनबोर्ड हैं, जिनमें से 196 वाहन ही स्कूल उपयोग में हैं।

वाहन श्रेणियों को किया गया स्पष्ट बैठक में स्कूल वाहनों को चार श्रेणियों में बांटा गया—
✔️ सीधे स्कूल के नाम पर चलने वाले वाहन
✔️ अनुबंधित वाहन
✔️ अभिभावक या वाहन स्वामी द्वारा संचालित वाहन
✔️ वेंडर/अभिभावक श्रेणी के वाहन
बिना जानकारी चलने वाले वाहनों पर लगेगी रोक अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि कोई भी ऐसा वाहन जो स्कूल के बाहर से बच्चों को लाता-ले जाता हो और जिसकी जानकारी स्कूल को न हो—उसे तुरंत चिन्हित कर प्रतिबंधित किया जाए।
अनफिट और बिना दस्तावेज वाले वाहन पूरी तरह बैन फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी कागजात के बिना चल रहे वाहनों पर पूरी तरह रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।
ड्राइवर-परिचालक का सत्यापन अनिवार्य स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि सभी चालकों और परिचालकों का चरित्र प्रमाणपत्र, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज अनिवार्य रूप से जांचे जाएं। बिना सत्यापन किसी को भी वाहन संचालन की अनुमति नहीं होगी

अभिभावकों से भी अपील अभिभावकों से कहा गया है कि वे बच्चों को असुरक्षित साधनों—जैसे रिक्शा या एलपीजी युक्त वाहनों से स्कूल न भेजें।
ट्रैफिक पुलिस और फायर विभाग भी अलर्ट
जरूरत पड़ने पर पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त अभियान चलाएंगे।
वहीं, स्कूलों में मॉक ड्रिल और पीटीएम के जरिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
15 मई है डेडलाइन
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 मई तक सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं करने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।