
एटाः रिजोर के बलिकर्णेश्वर मंदिर की संत कुटी पर कब्जा के विरोध में संत कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब 15 दिन से धरना कर रहे संतों की बात सुनने को कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा है। धरना कर रहे संतों का आरोप है कि थाना प्रभारी रिजोर ने खुद संतकुटि पर कब्जा कराया है।
कलक्ट्रेट पर धरना दे रहे संत शिवमंगल दास, महेंद्र दास, रामवरन दास ने कहा वह लोग रिजोर के वलिंकर्णेश्वर मंदिर की संत कुटी में 15-20 सालों से रह रहे हैं। 29 सितंबर की रात करीब आठ बजे वह लोग कुटि में भोजन कर रहे थे। तभी वहां फफोतू के भानुकुमार जैन, सोमकुमार जैन, ऋषभ जैन कई लोगों के साथ यहां पहुंचे। गालीगलौज करते ■ हुए कुटि खाली करने को बोलने लगे। विरोध करने पर उन्होंने रिजोर थाना प्रभारी को बुला लिया, साथ ही तीनों संतों की मारपीट की। मौके पर पहुंची थाना प्रभारी तीनों संतों को गाड़ी में बैठाकर थाना ले आई।
उनके पीछे आरोपियों ने कुटी के बरामदे को बंद कर दिया। उसमें जंगले, दरवाजे लगा दिया। रात में ही उसे पेंट करा दिया गया। थाने से उन लोगों को सुबह जाने दिया गया। सुबह कुटि में पहुंचने पर सबकुछ बदला ■ हुआ था और दरवाजे से ताला लटका हुआ था। उनका सामान बाहर रखा था। आरोपियों ने उनका चूल्हा भी तोड़ दिया। जबकि यि संत कुटी उनके गुरु शिवदास महाराज को कई दशक पहले आवासीय पट्टे से मिली थी। कुटि के पास उनके गुरु की समाधि भी है। इस मामले में एक अक्टूबर को जिलाधिकारी से शिकायत की गई। इस मामले में प्रशासन के गंभीरता से न लेने पर तीनों संत कलक्ट्रेट पर धरना पर हैं।