
*वाराणसी।* अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब ज्ञानवापी का मामला चर्चा में आ चुका है। कोर्ट के आदेश पर बुधवार देर रात व्यासजी के तहखाने में पूजा पाठ का क्रम शुरू हुआ। रात में ही शयन आरती की गई। इसके बाद गुरुवार की सुबह तहखाने का द्वार दर्शन करने को आम भक्तों के लिए खोल दिया गया।
तहखाने में मूर्तियों के पूजा पाठ के लिए कोर्ट ने वाराणसी प्रशासन को सात दिनों के भीतर व्यवस्था करने को कहा था। साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि वादी पक्ष और काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के ओर से पुजारी निश्चित कर पूजा पाठ शुरू कराए। अब तहखाने में मूर्तियों के आरती का समय भी निर्धारित कर दिया गया है। तहखाने के भीतर दिन में पांच बार आरती होनी है।
*व्यासजी के तहखाने में आरती का समय*
मंगला आरती – सुबह 3:30 बजे
भोग आरती – दोपहर 12 बजे
अपरान्ह आरती – शाम 4 बजे
सांयकाल आरती – शाम 7 बजे
शयन आरती – रात्रि 10:30 बजे
*8 प्रतिमाएं हुई हैं स्थापित*
दरअसल, व्यासजी के तहखाने में कुल 8 प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है। जिसमें भगवान विष्णु, भ