
एटा। किसानों को गेहूं और खाद-बीज बेचने वाली साधन सहकारी समितियां अब गांव में दवाएं बेचेंगी। इन समितियों पर जनऔषधीय केंद्र चलाने के लिए लाइसेंस ले लिए गए हैं। एटा और कासगंज में अभी तक दस समितियों को तैयार किया जा चुका है। 15 दिसंबर के बाद से इन पर सस्ते रेटों पर दवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। सस्ती दवा लेने के लिए गांव के व्यक्ति को शहर आने की जरूरत नहीं है।
एटा और कासगंज में कॉपरेटिव की 104 सहाकारी साधन समितियां काम कर रही हैं। इनमें से 10 समितियों पर जनऔषधीय केंद्र खोले जा रहे हैं। औषधीय केंद्र खोलने से पहले फार्मासिस्टों से संपर्क किया गया। इनसे कमीशन पर यह लोग रखे गए। मेडिकल के लाइसेंस भी इन्हीं के नाम से लिए गए हैं। गांव के लोगों को सस्ती दवा लेने के लिए कहीं की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है। जो केंद्र चिह्नित किए गए हैं वह गांव-कस्बाई इलाके हैं। इन केंद्रों पर 1900 तरह की दवाएं मौजूद रहेंगी। लाइसेंस मिलने के बाद दवा का आर्डर दे दिया गया है। जैसे ही स्टॉक में दवाएं आएंगी, वैसे ही इन केंद्रों पर बिक्री शुरू करा दी जाएगी।
सीएससी के रूप में काम हुआ शुरू एटा और कासगंज की समितियों पर सीएससी का काम शुरू कर दिया गया। गांव के लोगों को खतौनी, फर्द, पेन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली बिल आदि तरह के काम शुरू कर दिए गए हैं। अभी 104 स्थानों पर काम शुरू किया जा चुका है।