8 अगस्त 1942 का दिन भारत के स्वाधीनता आंदोलन में मील का पत्थर साबित हुआ

आज दिनांक 08-08-2020 को शहर कांग्रेस कमेटी बुलंदशहर के पुर्व अध्यक्ष सैय्यद मुनीर अकबर ने कहा कि 8 अगस्त 1942 का दिन भारत के स्वाधीनता आंदोलन में मील का पत्थर साबित हुआ कि यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का आखिरी सबसे बड़ा आंदोलन था जिसमें सभी भारतवासियों ने एक साथ बड़े स्तर पर भाग लिया था।कई जगह समानांतर सरकारें भी बनाई गई।14 जुलाई 1942 को वर्धा में कांग्रेस की कार्यकारिणी ने *अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया और इसकी सार्वजनिक घोषणा से पहले 1अगस्त1942 इलाहाबाद में तिलक दिवस बनाया गया। 8 अगस्त 1942 को आखिर भारतीय कांग्रेस की बैठक मुंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में हुई और *भारत छोड़ो आन्दोलन* प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव में यह घोषणा गईं कि भारत में ब्रिटिश हुकूमत तत्काल समाप्ति भारत में स्वतंत्रता और लोकतंत्र की स्थापना के लिए अत्यन्त आवश्यक था। भारत छोड़ो आंदोलन
द्वितीय विश्व युद्ध के समय 8 अगस्त 1942 को आरम्भ किया गया था यह आंदोलन जिसका लक्ष्य भारत से ब्रिटेन साम्राज्य को समाप्त करना था यह आंदोलन महात्मा गांधी द्वारा शुरू गया था यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विव्श्रविख्यात काकोरी काण्ड के ठीक सत्रह साल बाद 9 अगस्त1942 को गांधी जी के आव्हान पर पुरे देश में एक साथ शुरू हुआ।
भारत छोड़ो आंदोलन को अगस्त क्रांति के नाम से भी जाना जाता है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks