आगरा और मथुरा में 270 से अधिक सरीसृपों को किया रेस्क्यू !

बढ़ती जागरूकता का असर: आगरा और मथुरा में 270 से अधिक सरीसृपों को किया रेस्क्यू !

साँपों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ने से उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं, जहां जुलाई और अगस्त के महीनों में आगरा और मथुरा क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण संस्था वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस की रैपिड रिस्पांस यूनिट द्वारा 270 से अधिक सरीसृपों को सफलतापूर्वक बचाया गया। इस सराहनीय उपलब्धि का श्रेय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को जाता है, जो वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस को उनकी आपातकालीन हेल्पलाइन (+91 9917109666) पर कॉल कर सांप देखे जाने की सूचना देते हैं।

अपने वन्यजीव संरक्षण कार्यों को जारी रखते हुए, वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने जुलाई और अगस्त के महीने में आगरा और मथुरा क्षेत्र से 270 से अधिक सरीसृपों को बचाया। शहर के नागरिकों की संयुक्त भागीदारी के सहयोग से इन आंकड़ों में 77 इंडियन रैट स्नेक, 55 कोबरा, 38 इंडियन वुल्फ स्नेक, 20 अजगर और 40 मॉनिटर लिज़र्ड इत्यादि शामिल हैं।

जहां अगस्त के महीने में, वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस ने 98 सरीसृपों को बचाया, वहीँ जुलाई के महीने में यह आंकड़ा 168 का रहा। पौराणिक एवं लोककथाओं में बड़े पैमाने पर गलत तरीके से प्रस्तुत इन सरीसृपों को अक्सर भय और शत्रुता की नज़रों से देखा गया है। हालाँकि, वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस जैसी संस्थाओं के अथक प्रयासों ने एक महत्पूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे इन सरीसृपों से जुड़े डर को कम किया जा सके।

वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस के सह-संस्थापक और सी.ई.ओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “हालांकि सरीसृपों को लेकर एक गलत डर बना हुआ है, लेकिन इनके बारे में जागरूकता बढ़ाने के हमारे प्रयासों ने लोगों की धारणा को बदलने में मदद की है। यह देखना उत्साहजनक है की लोग स्वयं ऐसे मामलों को हल करने के बजाय हमारी हॉटलाइन पर कॉल करने का निर्णय ले रहे हैं।

वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी. ने कहा, “शहर में जहरीले साँपों की बहुत अधिक प्रजातियाँ नहीं हैं, और वे भी तब तक नहीं काटते जब तक उन्हें उकसाया या धमकाया न जाए। हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि किसी भी तरह के सांप देखे जाने की स्थिति में उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें, हमारे हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें और टीम के पहुचने तक सरीसृप की गतिविधियों पर नजर रखें।”

इन बचाव प्रयासों की सफलता बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है। वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस लगातार अपने वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य के प्रति काम कर रहा है, और लोगों को संवेदनशील बनाने और सरीसृपों के बारे में ज्ञान प्रदान करने के लिए कार्यक्रम और कार्यशालाओं का आयोजन कर रहा है, जिससे मनुष्यों और सरीसृपों दोनों के लिए एक उज्जवल और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित हो सके।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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