दादा मियां की संपत्ति शत्रु है कि नहीं पर सवाल खड़ा हुआ ?

कानपुर में थाना बेकनगंज अंतर्गत दादा मियां की संपत्ति शत्रु है कि नहीं पर सवाल खड़ा हुआ ? वहां पर रहने वाली उनके खानदान की एक महिला ने यह बात कही

कानपुर– अपर न्यायालय के आदेशों और नगर निगम जोन-4 से सत्यापित दस्तावेजों को अनदेखा कर न्यायालय के आदेशों के विरूद्ध कार्यवाही
कर रहे हैं जो कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने के
निवेदन है कि प्रार्थिनी मोईना जैदी मेरा पैतृक मकान नं0-96/47 में जन्म से दादा गियों का हाता बेकनगंज में है।
प्रार्थिनी के रिश्ते के चाचा ने प्रार्थिनी के पिता के ऊपर मुकदमा सन् 2000 में कर दिया जो वह 2004 में विपक्षी हार गये परन्तु विपक्षी ने फिर से 2004 मे अपील की, जिसका निर्णय 31.08.2016 को अपर न्यायालय ए.डी.जे. -11 ने फैसला प्रार्थिनी के पिता के हक में किया और स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि जो व्यक्ति जहां रह रहा था वह वहां का काबिज मालिक है। कोर्ट के निर्णय के बाद प्रार्थिनी अपना मकान अलग करके नगर निगम से 96/47ए के नाम से आवंटित हुआ है जो कि प्रार्थिनी के ताऊ जी, माता पिता के नाम से नगर निगम में आज दिनांक तक देखा जा सकता है। 10.07.2022 को प्रार्थिनी की बहन आया जैसे साईन करा रहे थे उर्फ बबू की पत्नी जीन जो
जैदी का मुंह बांध दिया उसनेमा
की बहन सादिया ने आगा के पेट जोर से भतीजी अलीना से कहा कि इसकी छाती पर बंदूक रखते हुए कहा कि साई को और करवा दो नहीं तो जान से जाओगी और किसी को चलेगा कि कहा गायब हो गयी, फिर लिखवाती रहना, जैसे ही मोईना जैदी को घटना के बारे मे गिली उसने सुरत 112 नम्बर की पुलिस से नंबर की पुलिस ने मौके पर पहुँचा
को सूचित किया। फिर थाना की की आयशा जैदी को बाहर
निकाला गया।अदा आरिफ अहम
हुसैन निवासीगण दादी परिवारजनों को घर से बाहर करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं,। गुड्डू हर वक्त अपने पास लाइसेंसी बंदूक रखता है व दिखाकर धमकाता है, प्रार्थिनी व उसका परिवार गुड्डू व उसके भईयों से डरा सहमा हुआ है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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