
यात्रियों को हर मुमकिन सुविधाएं मिलें, फिर चाहे वह स्टेशन पर हो या ट्रेन
यह वाकई हर्ष की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 508 स्टेशनों के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के लिए करीब 25 हजार करोड़ रुपये की अमृत भारत स्टेशन योजना का शुभारंभ किया है, जिससे यात्रियों को और अधिक आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। मगर इस योजना के कई किंतु-परंतु भी हैं, जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। जैसे, रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास करते समय अन्य सुविधाओं के साथ ही हर प्लेटफॉर्म को ऐसे बनाए जाएं कि यात्रियों के ट्रेन से चढ़ने-उतरने में दिक्कत न हो, और न ही यह आशंका रहे कि उनका पांव ट्रेन व स्टेशन के बीच फंस सकता है और उनकी जान पर बन आ सकती है। अभी कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और रेल के डिब्बों के बीच में इतना अंतर होता है कि यात्रियों के गिरने की आशंका बनी रहती है। इसी तरह, स्टेशनों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यात्री सुकूनदेह यात्रा करें। इसका मतलब है कि उन्हें ट्रेन में बैठने की जगह मिले, और अगर वे लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं, तो उनका आरक्षण सुनिश्चित ही न हो, बल्कि सीट भी मिले। विशेषकर बिहार जाने वाले यात्री इस कष्ट को खूब समझ रहे होंगे कि किस तरह से उन्हें पर्व-त्योहार के समय मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
भीड़ कम करने के लिए सरकार को अधिक से अधिक रेलगाड़ियां चलानी चाहिए या फिर मौजूदा ट्रेनों में ही जरूरत के अनुसार डिब्बे बढ़ाने की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि ऐसी व्यवस्था हो जाती है, तो यह सोने पर सुहागा होगा। आकर्षक स्टेशन और ट्रेन के साथ यदि आसान सफर (यात्रा) भी हो, तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है रेलयात्रियों के लिए? एक बात और। कुछ स्टेशन मुख्य सड़क से जुड़े हुए नहीं हैं। जैसे पुणे का चिंचवड या इंदौर का नया स्टेशन। यहां यात्रियों को आरंभ में ही पुल का उपयोग करना पड़ता है। फिर टिकट खिड़की भी पहली मंजिल पर है, जहां बुजुर्ग यात्रियों के लिए पहुंचना काफी कठिन होता है। ऐसे में, स्टेशनों को दुरुस्त करने की योजना में इन सब पर खास ध्यान देना उचित होगा।
कुल मिलाकर, यह देखना होगा कि यात्रियों को हर मुमकिन सुविधाएं मिलें, फिर चाहे वह स्टेशन पर हो या ट्रेन में। अच्छी बात है कि स्टेशन का ध्यान सरकार रखने जा रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित स्टेशन नए रंग-रूप में जल्द ही यात्रियों के सामने आएंगे, लेकिन ट्रेनों में यात्रियों को होती असुविधा पर भी सरकार ध्यान दे। विशेषकर, सीट की उपलब्धता सुनिश्चित करना काफी जरूरी है।