*मीडिया को संवैधानिक दर्जा दिलाने एवं पत्रकारों की अभिव्यक्ति की आजादी के लिए भारतीय मीडिया फाउंडेशन सहित कई पत्रकार एवं सामाजिक संगठनों का 2024 में बनेगा महामोर्चा।*
*मीडिया पालिका की स्थापना कराने एवं मीडिया कल्याण बोर्ड का गठन कराने राज्यसभा में पत्रकारों के लिए सीटों का आरक्षण दिलाने इत्यादि मांगो सहित जो पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का काम करेगा वही देश में राज करेगा के महत्वपूर्ण नारों के साथ जनता की अदालत में रखी जाएगी अपनी बात*।

नई दिल्ली–भारतीय मीडिया फाउंडेशन के नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कार्यालय से जारी बयान में भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय कोर कमेटी की ओर से भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ अंसारी ने बताया कि पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकार सम्मान सुरक्षा के सवाल पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री संजय कुमार मौर्य जी एवं केंद्रीय मैनेजमेंट कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक एके बिंदुसार जी के नेतृत्व में जोरदार महाक्रांति का बिगुल बजाया जाएगा।
राष्ट्रीय कार्यालय से जारी बयान में भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने कहा कि आजादी के 7 दशक बीत जाने के बाद भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को संवैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं है उन्होंने कहा कि जिस तरीके से कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के कार्यों को कानूनी अधिकार दिया गया है उसी तरह मीडिया को भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में संवैधानिक अधिकार दिया जाना अति आवश्यक है ऐसी स्थिति में मीडिया पालिका एवं मीडिया कल्याण बोर्ड की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन सहित कई पत्रकार एवं सामाजिक संगठनों के द्वारा लगातार मांगों को उठाया जा रहा है लेकिन इस पर किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता संगठनों का एक महामोर्चा तैयार किया जाएगा उन्होंने कहा कि सनातन राष्ट्र भारत रक्षक महामोर्चा का नामकरण हो चुका है जिसके झंडे के नीचे तमाम पत्रकार एवं सामाजिक संगठनों को एकजुट किया जाएगा उसके लिए अभी से अभियान चलाया जा रहा है उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर जोरदार तरीके से पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता संगठनों के द्वारा जनता की अदालत में अपना पक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के आरक्षण का लाभ तेज गति से उठाया जाएगा इसके लिए लोकसभा चुनाव में आवश्यकता पड़ी तो पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़के अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए जनता जनार्दन से प्रार्थना करेंगे।
उन्होंने कहा कि टुकड़ों में जिस तरीके से पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का राजनीतिकरण करके कुछ राजनीतिक पार्टियां अपने चुनावी टीआरपी को बढ़ाती है और चुनावी फायदा लेती है अपने पक्ष में मीडिया का इस्तेमाल करके सत्ता तक पहुंच जाते हैं उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी।
उन्होंने कहा कि पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का भला तभी होगा जब जनरलिस्ट विधायक एवं सांसद चुने जाएंगे उनके लिए अलग से कोटा निर्धारित किया जाना आवश्यक है।
श्री एके बिंदुसार ने देश के समस्त पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से भारतीय मीडिया फाउंडेशन के बैनर तले एकजुट होने की अपील की और उन्होंने संगठन के मीडिया अधिकारियों पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने राज्यों में राज्य महाधिवेशन की तैयारी करें और अपने उद्देश्यों के बारे में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को बताएं इसके साथ साथ जन जागरूकता अभियान के तहत जनता की अदालत में जगह-जगह चौपाल लगाकर अपने भारतीय मीडिया फाउंडेशन एवं पत्रकार तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के आंदोलन के बारे में बताने का कार्य करें।
राष्ट्रीय कार्यालय नई दिल्ली से जारी बयान में भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य महा अधिवेशन आयोजन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बालकृष्ण तिवारी जी ने कहा कि सभी राज्यों में महाधिवेशन की तैयारी जोर शोर से की जा रही है।
उन्होंने कहां कि सभी राज्यों के राज्य चेयरमैन एवं प्रदेश अध्यक्ष अपने प्रदेश कार्यकारिणी के मीडिया अधिकारियों एवं पदाधिकारियों से वार्ता करके रूपरेखा तैयार करें और उसकी रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को प्रेषित करें जिससे आगे की रणनीति बनाई जा सके।
उन्होंने समस्त पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 2024 में निर्णायक महा क्रांति के लिए अभी से तैयारी करें और तैयार