फुटबॉल बनें फरियादी

एकपक्षीय कार्यवाई कर पक्षपात कर रही थाना पुलिस, योगी राज में भी पीड़ित को नही मिल पा रहा न्याय
एसएसपी और सीओ जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवेहलना करती कोतबाली देहात
एटा । जनपद पुलिस मुखिया के आदेशों की अनदेखी किस तरह की जाती हैं यह तो नगला इमलिया के दो पक्षों में हुये फसाद मामले में पुलिस की एकपक्षीय कार्यवाई और सर्किल के सीओ के साथ स्वयं जनपद पुलिस मुखिया के आदेशों के बाद भी थाना पुलिस द्वारा कार्यवाई न किये जाने से प्रतीत होता हैं । स्थिति कुछ ऐसी बताई जाती हैं कि थाना पुलिस की मनमानी और एकपक्षीय कार्यवाई से आहत फसाद में जख्मी पीड़ित फरियादी न्याय के लिये फुटबॉल बने हुये हैं, बाबजूद देहात पुलिस का दिल नहीं पसीज रहा । पीड़ित परिजनों की माने तो उसने सर्किल के सीओ और जनपद पुलिस मुखिया के दरबार में न्याय की गुहार लगाई तो जाँच कर आवश्यक कार्यवाई के आदेश दिये गये, लेकिन सहाब के आदेशों के बाद भी थाना पुलिस के न तो कानों पर जूँ रेंगी और न कोई सकारात्मक कदम उठाया । अब अधिकारियों के आदेशों के बाद भी थाना पुलिस द्वारा कार्यवाई न किया जाना थाना पुलिस की किस भूमिका को प्रदर्शित करता हैं इसका आंकलन स्वतः किया जा सकता हैं ।