खोजी पत्रकार सत्येंद्र के विरुद्ध की गई गैंगेस्डर की कार्यवाही तानाशाही की द्योतक

गोरखपुर। सी एम सिटी के खोजी पत्रकार सत्येंद्र के साथ किये जा रहे अत्याचार और साजिशों के तहत दर्ज किए जा रहे गैंगेस्डर मुकदमे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति व सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ ने इसकी न्यायिक जाँच की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार दिलावर सिंह, संरक्षक मिथिलेश द्विवेदी, अंशु राय, अमित ओमप्रकाश दुबे ने पत्रकार सत्येन्द्र के साथ किए जा रहे अन्याय के विरुद्ध सभी पत्रकारों को एकजुट होने की अपील की है। संगठन के गोरखपुर मंडल अध्यक्ष डॉक्टर सतीश चंद्र शुक्ला, जिलाध्यक्ष कृष्ण चंद्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष संजय कुमार सिंह सहित तमाम पत्रकार पदाधिकारियों ने पत्रकार के विरुद्ध नियम विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रकरण से संबंध सभी पुलिसकर्मियों की जांच होनी चाहिए कि किन परिस्थितियों में पत्रकार के साथ ऐसा कार्य किया गया।
इधर गोरखपुर के गांधी कहे जाने वाले समाजसेवी डॉक्टर संपूर्णा नंद मल्ल ने सत्येंद्र के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्यवाही को साजिश तथा द्वेष पूर्ण बताते हुए विरोध स्वरूप गांधी प्रतिमा के समक्ष आमरण अनशन शुरू कर दिया।
पत्रकार सत्येंद्र की पत्नी जो ब्रेन टी बी, पैंक्रियाटाइटिस तथा ऑटो इम्यून डिजीज से ग्रसित हैं, अपने अधिवक्ता भाई के सहारे अनशन स्थल पर पहुँची और डॉक्टरों के तमाम एडवाइस को अनसुना करते हुए उन्होंने भी आमरण अनशन शुरु कर दिया।
लगभग 6 महीने पहले ड्रग माफिया और ड्रग डिपार्टमेन्ट के गठजोड़ का स्टिंग करने वाले खोजी पत्रकार पर फरवरी माह से लेकर अब तक तड़ातड़ तीन मुकदमे बगैर सबूतों के दर्ज किए गए साथ ही अनर्गल तरीके से हिस्ट्रीशीट खोलकर उन्हें जेल भेजा गया।
जेल भेजने से पहले पुलिस द्वारा ठोकर मारकर उनका अपहरण करने का प्रयास भी किया गया था और जेल से छूटने के 2 महीने बाद अब गैंगेस्टर का मुकदमा लिख दिया गया। इन सब मामलों में कई के खिलाफ कई स्टेजेज पर जाँच लंबित है। पत्रकार संगठन के पदाधिकारियों ने सभी पत्रकार संगठनों को एकजुट होकर पुलिस की पत्रकार के विरुद्ध इस दमनात्मक कार्रवाई के विरुद्ध आंदोलन करने की अपील की।