
ब्रह्मदत्त हत्याकांड के बाद चर्चित शूटर बना जीवा
फर्रुखाबाद। नब्बे के दशक में वेस्ट यूपी में भाड़े पर हत्याएं करने वाला जीवा ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड से पूरे चर्चित शूटर बन गया था। सीबीआई ने जांच में पाया कि भाजपा के चर्चित नेता पूर्वमंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के लिए उसे फर्रुखाबाद के पूर्व विधायक विजय सिंह ने भाड़े पर तय किया था।
9/10 फरवरी वर्ष 1997 की रात जीवा ने लोहाई रोड पर हत्या की थी। द्विवेदी लोहाई रोड पर रात में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल थे। अचानक उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। उन्हें बचाने में उनका सरकारी गनर हेड कांस्टेबल बृजकिशोर तिवारी भी शहीद हो गया। बाद में जांच सीबीआई को दे दी गयी थी। दो माह बाद विजय पकड़ा गया। उसने कबूला कि हत्या में जीवा प्रमुख शूटर था। केस के वादी सुधांशु दत्त द्विवेदी ने बताया कि बाद में जीवा सहारनपुर में पकड़ा गया। सीबीआई कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय सिंह, जीवा को आजीवन कारावास की सजा दी।
उच्च न्यायालय ने भी सजा को बरकरार रखा।
जीवा सीबीआई की गिरफ्त में आया तो टीम उसे लेकर फर्रुखाबाद लाई। पांचालघाट से लोहाई रोड तक उसने कई स्थानों पर ठहरने की बात कही।