*तंगी चार हजार बच्चों ने बीच में ही छोड़ दी पढ़ाई, रिपोर्ट योगेश

एटा, । आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं। जिससे हर बच्चे को स्कूल भेजने की शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग में प्रथम चरण के डोर-टू-डोर सर्वे में जिले में चार हजार से अधिक बच्चे पढ़ाई छोड़ने वाले मिले हैं।
नए शिक्षा सत्र 2022-23 में अप्रैल से मई तक डोर-टू-डोर अभियान पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों के चिन्हांकन के लिए जनपद में चलाया गया। करीब ढाई महीने चले अभियान में नोडल अधिकारी बनाए गए स्कूल प्रधानाध्यापकों ने 4438 ड्रापआउट बच्चे चिन्हित किए गए। चिन्हित किए गए बच्चों में से 1056 बच्चों को बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल में नामांकित कराने का कार्य किया गया है। दूसरे चरण का अभियान जुलाई में स्कूल खुलने के बाद चलाया जाएगा।
30 जुलाई तक चलने वाले डोर-टू-डोर सर्वे में स्कूल न जाने वाले छात्र-छात्राओं को चिन्हित किये जाने का कार्य किया जाएगा। प्रथम चरण में नामांकन को शेष रह गए ड्रापआउट बच्चों को नामांकन कराकर स्कूल भेजने का कार्य किया जाएगा।
स्कूल में नामांकन होने के बाद ड्रापआउट बच्चों को अन्य बच्चों की भांति शिक्षा विभाग में संचालित शासन से चलने वाली योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। वर्ष 2021-22 में भी जिले में करीब पांच हजार ड्रापआउट बच्चे मिले थे।, जिसमें से चार हजार को स्कूलों में नामांकन कराकर शिक्षा ग्रहण करायी गई थी। बेहतर प्रयास के बाद भी दस प्रतिशत बच्चे स्कूल नहीं जा सके।
प्रथम चरण में जिले में मिले ड्रापआउट बच्चों में से करीब 1100 को स्कूलों में नामांकन कराया गया है। शेष बच्चों का नामांकन जुलाई में स्कूल खुलने पर कराया जाएगा। दूसरे चरण का सर्वे कार्य 30 जुलाई तक कराया जाएगा। सर्वे में मिलने वाले बच्चों को स्कूल भेजकर शिक्षित किया जाएगा।
संजय सिंह, बीएसए, एटा।