फेक और पेड न्यूज़ आज की सबसे बड़ी चुनौती: प्रोफेसर विनोद पांडेय

फेक और पेड न्यूज़ आज की सबसे बड़ी चुनौती: प्रोफेसर विनोद पांडेय
विद्यापीठ में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, मानविकी संकाय और मदनमोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान की ओर से मंगलवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर हिंदी पत्रकारिता: संवाद एवं चुनौतियां विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके प्रायोजक पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ़ इंडिया रही। इसमें बतौर मुख्य अतिथि गुजरात विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर विनोद पांडेय ने कहा कि आज के दौर में सबसे बड़ी चुनौती है फेक न्यूज और पेड न्यूज। इससे बचकर ही पत्रकारिता की विश्वसनीयता को बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में अधिकांश गड़बड़ियां हो रही हैं। इससे बचने का उपाय सोचना होगा। यूट्यूब पर ऐसी खबरें चल रही हैं कि बेडागर्क हो रहा है। इसलिए मीडिया लिट्रेसी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रायोजित खबरें समाचार के रूप में छप रही हैं। अश्लील विज्ञापन छप रहे हैं। भाषा की शुद्धता पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नागरिक पत्रकारिता और सोशल मीडिया से विश्वसनीयता पर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी ने हिंदी और हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत काम किया। शिवप्रसाद गुप्त के योगदान के योगदान को भी नहीं भुलाया जा सकता।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर अनुराग ने कहा कि हमें विचार करना होगा कि हम पत्रकारिता में संवाद या संवाद की पत्रकारिता कर रहे हैं। तकनीकी ने हमारी क्षमताओं को कम किया है। तकनीकी ने हमें संवादहीन बनाया है। तकनीकी ने मीडिया को नए आयाम भी दिए हैं। हमें भाषा पर भी चिंतन करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रिंट मीडिया में कार्टून कहां चला गया? साहित्य का कोना कहां पर है? मीडिया में क्या वैचारिकी उभर कर आती है? संवाद हो रहा है या शोर? आमजन का कितना कोना मीडिया में उपलब्ध है? कितना विश्वसनीय है? इस पर विचार करने की जरूरत है। सनसनी कम, संवाद ज्यादा होना चाहिए। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में जनसम्पर्क अधिकारी एवं कार्यक्रम में सारस्वत वक्ता के रूप में अपना विचार रखते हुए हर्षा भार्गवी ने कहा कि जनसम्पर्क का क्षेत्र रोज़गार देने में सबसे आगे आ गया है। इसलिए विद्यार्थी इसके लिए तैयार रहें।
संचालन डा प्रदीप कुमार ने किया। इस अवसर पर डा विनोद कुमार सिंह, डा नागेंद्र कुमार सिंह, डा नागेंद्र पाठक, डा प्रभा शंकर मिश्र, डा मनोहर लाल, महेश सेठ, डा रमेश कुमार सिंह, प्रदीप कुमार उपाध्याय, डा जिनेश कुमार आदि उपस्थित थे। पब्लिक रिलेशन सोसायटी आफ इंडिया के महेश सेठ ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

पत्रकारिता सम्मान से कई नवाजे गए
वाराणसी। कार्यक्रम में पत्रकारिता एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कई लोगों को सम्मानित किया गया। हिंदी पत्रकारिता एवं सम्पादन के लिए सुनील सिंह को इश्वरदेव मिश्र सम्मान, हिंदी भाषा एवं मीडिया शिक्षण के लिए बाबूराव विष्णु पराड़कर सम्मान डा दयानंद को, सम्पादन और मीडिया क्षेत्र में योगदान के लिए महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान डा नागेंद्र पाठक को, हिंदी स्मिता एवं मीडिया शिक्षण के लिए इश्वरदेव मिश्र सम्मान डा शिव जी सिंह को और फोटो पत्रकारिता एवं मीडिया शिक्षा के लिए अनिरुद्ध पांडेय को सम्मानित किया गया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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