
अरुण मौर्य का नाम सामने आते ही उसका पिता, मां व दो बच्चों को लेकर कासगंज स्थित पैतृक गांव से भाग निकला
कासगंज, । प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ की सनसनीखेज हत्या में शामिल शूटर अरुण मौर्य का नाम सामने आते ही उसका पिता, मां व दो बच्चों को लेकर कासगंज स्थित पैतृक गांव से भाग निकला। वो गांव में चाट-पकौड़ी का ठेला लगाता था। दोपहर को पहुंची पुलिस की टीम को घर बंद मिला।
पिता की चाट-पकोड़े की ठेल सोरों कोतवाली पुलिस ने गांव कादरबाड़ी में पहुंचकर ग्रामीणों को अरुण मौर्य का फोटो दिखाया तो लोगों ने उसकी पहचान कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि, अरुण मौर्य का पिता गांव में रहकर चाट पकौड़ी का ठेला लगाता है।
हरियाणा में बीता बचपन अरुण बचपन से ही अपने बाबा मथुरा प्रसाद के पास हरियाणा के पानीपत स्थित विकास नगर में रह रहा था। उसका जन्म भी बाबा के घर पानीपत में ही हुआ था। उसके बाबा अरुण के पिता दीपक कुमार को अपने साथ 20 साल पहले ले गए थे। पांच साल पहले दीपक मौर्य गांव लौट आया, लेकिन अरुण पानीपत में बाबा के पास ही रहता था। पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह जैसे ही अरुण मौर्य का नाम चर्चा में आया तो इसकी भनक पिता दीपक मौर्य को लग गई। वह अपनी पत्नी केला व दो बच्चे अनकेत व सपना को लेकर घर पर ताला डालकर भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश करने में जुट गई है।
कादरबाड़ी गांव में पसरा सन्नाटा
अतीक व अशरफ हत्याकांड के बाद सोरों कोतवाली पुलिस शूटर अरुण मौर्य के परिवार की तलाश में गांव कादरबाड़ी पहुंची तो गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ था। पुलिस के पहुंचते ही ग्रामीण समझ गए कि कोई बड़ी वारदात हो गई है। रविवार की दोपहर कोतवाली प्रभारी डीके त्यागी पुलिस बल के साथ गांव कादरबाड़ी पहुंचे तो गांव के लोग कुछ समझ नहीं पाए। पुलिस ने जैसे ही अरुण मौर्य के संबंध में जानकारी चाही तो अरुण के घर के पास खड़े लोग सहम गए। अरुण के घर के सामने सन्नाटा पसरा हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि अरुण का पिता सुबह चाट पकौड़ी का ठेला लगाने की तैयारी कर रहा था। लेकिन पुलिस के आने की भनक लगते ही भाग निकला।
हाथ की हड्डी टूटी थी तब अरुण आया था गांव
ग्रामीणों और उसके घर के आसपास के लोगों से पुलिस ने जब अरुण के यहां आने के बारे में पूछा तो उन्होंने इतना ही बताया कि, अरुण करीब आठ माह पूर्व वह गांव कादरबाड़ी आया था। उस समय उसके हाथ में फ्रैक्चर था। इसके बाद फिर नहीं आया। वह जब यहां आया था तो भी गांव के लोगों से कोई वास्ता नहीं रखा था। हत्याकांड से तार जुड़ने पर ग्रामीण हतप्रभ हैं।
अरुण के पिता के हिस्से में डेढ़ बीघा जमीन
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रभात सक्सेना व अरुण के पिता दीपक मौर्य के पड़ोसी बताते हैं कि दो वर्ष पूर्व वह गांव आया था। उसके बाद की जानकारी नहीं हैं। दीपक मौर्य के हिस्से में डेढ़ बीघा जमीन आती है। पुलिस ने गांव में ग्रामीणों से अरुण के बारे में अपराधिक दृष्टि से भी जानकारी करने के लिए चर्चा की, लेकिन लोगों ने पुलिस को इतना बताया कि वह यहां रहता नहीं था।
प्रयागराज कमिश्नर ने एसपी से ली परिवार की रिपोर्ट
कासगंज। प्रयागराज में अतीक व अशरफ की हत्या के बाद शूटर अरुण मौर्य का परिवार प्रयागराज पुलिस के रडार पर आ गया है। प्रयागराज पुलिस के कमिश्नरेट के आला अधिकारी कासगंज एसपी से संपर्क बनाए हुए थे। जिस पर अरुण मौर्य व उसके परिवार के बारे में पुलिस की टीम ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं एकत्र करने में लगी हुई हैं। रविवार की सुबह कादरबाड़ी के लोग रोजमर्रा के कार्यों में ही जुटे हुए थे। गांव में प्रवेश करते ही 50 मीटर की दूरी पर एक पतली गली में शूटर अरूण मौर्य का परिवार रहता है।