
शहर के बिल्डर और बड़े व्यापारी हर महीने माफिया अतीक अहमद को लाखों रुपये पहुंचाते थे। अतीक सिर्फ रंगदारी से करोड़ों रुपये कमा रहा था
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। ईडी की छापामारी में कई बड़े खुलासे हुए हैं। शहर के बिल्डर और बड़े व्यापारी हर महीने माफिया अतीक अहमद को लाखों रुपये पहुंचाते थे। अतीक सिर्फ रंगदारी से करोड़ों रुपये कमा रहा था। बिल्डर एक फ्लैट को बेचने के लिए कम कीमत दिखाकर हर महीने राजस्व विभाग को करोड़ों की चपत लगा रहे थे। काला धन अतीक अहमद को पहुंचाते थे। ईडी ने शहर के कई अन्य बिल्डरों पर शिकंजा कसने के लिए सूची तैयार कर ली है। जल्द ही उनके कार्यालय में छापामारी की जाएगी।
पहली बार ईडी ने बिल्डर संजीव अग्रवाल के यहां छापामारी कर कैश व गहने बरामद किए हैं। छापामारी से पता चला है कि ये लोग एक फ्लैट लाखों में बेचते थे, लेकिन कीमत दो तरीकों से लेते थे। फ्लैट का सर्किल रेट कम दिखाकर उस कीमत को चेक या ऑनलाइन लेते थे। इसके अलावा फ्लैट की 30 से 40 प्रतिशत कीमत ब्लैक में लेते हैं। यह पैसा कैश जमा होता है।
मुख्तार के बाद अब अतीक के करीबी बेनकाब
ईडी ने मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों का चेहरा बेनकाब किया था। अब अतीक अहमद की बारी है। ईडी के सहायक निदेशक सौरभ कुमार इन माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का काम कर रहे हैं। दोनों ही माफिया के मनी लॉन्ड्रिंग केस के विवेचक सौरभ कुमार हैं।
अतीक की 16 बेनामी कंपनियों पर नजर
अतीक अहमद एंड कंपनी के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस व ईडी ने माफिया की 16 बेनामी कंपनियों को चिह्नित किया था। इनमें से ज्यादातर कंपनियों का कारोबार रियल एस्टेट से संबंधित है। यह भी जानकारी मिली थी कि इन कंपनियों का लेनदेन करोड़ों में है।