
एंटीबायोटिक दवाओं का विकल्प है शहद लांसेट
वैज्ञानिकों शहद को एंटीबायोटिक दवाओं का विकल्प बताया है। ब्रिटेन की कार्डिफ यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। इसमें यह भी बताया गया है कि एंटीबायोटिक से होने वाले प्रतिरोधी संक्रमणों में वृद्धि जारी है। इस अध्ययन को मेडिकल जर्नल लांसेट में प्रकाशित किया गया है।
अध्ययन में कहा गया है कि शहद में एंटीबायोटिक होते हैं और कई प्रकार की बीमारियों से निपटने और घावों के इलाज के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में सदियों से इसका उपयोग किया जाता रहा है। उच्च चीनी सामग्री, कम पीएच सहित हाइड्रोजन पेरोक्साइड और पेप्टाइड्स के चलते इसमें चिकित्सीय गुण होते हैं। शहद में रोगाणुरोधी फाइटोकेमिकल्स भी होते हैं जो माइक्रोबियल संक्रमण के उपचार के लिए दवाओं के विकास में काम आ सकता है।
पूर्वजों के सिखाए पारंपरिक उपायों पर लौटने की कोशिश कार्डिफ यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फर्मेसी के प्रोफेसर लेस बैली ने बताया कि हम लगभग सभी एंटीबायोटिक दवाओं से प्रतिरोधी संक्रमण पैदा होते देख रहे हैं। लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से शहद पर किया गया शोध उन पारंपरिक उपायों पर लौटने की कोशिश है जो हमारे पूर्वज हमें सिखा कर गए हैं। उन्होंने बताया कि 2019 में एंटीबायोटिक के प्रतिरोधी संक्रमण से दुनिया में 10.2 लाख लोगों की मृत्यु हो गई।
एंटीबायोटिक पौधे पर छत्ता बनाती हैं मधुमक्खियां
लेस ने कहा कि अध्ययन के दौरन उन्होंने पाया कि मधुमक्खियां भी ऐसे पौधे पर अपना छत्ता बनाती हैं, जिसमें एंटीबायोटिक मौजूद होता है। एक बार जब वे पौधे की खोज कर लेती हैं, तो वे इसके यौगिकों को देख सकती हैं। अध्ययन के लेखक डॉ. जेनिफर हॉकिन्स ने बताया कि हमारी योजना मधुमक्खियों की इस प्रकिया को करीब से समझने की थी। इसके फोरेंसिंक परीक्षण में हमे फाइटोकेमिकल्स के बारे में जानकारी मिली है।
● 201 9 में एंटीबायोटिक संक्रमण से दुनिया में 10.2 लाख लोगों की मृत्यु हुई ●
● फाइटोकेमिकल्स माइक्रोबियल संक्रमण के उपचार में उपयोगी