-सहाब मेहरबान तस्कर बेलगाम-

मत्स्य विभाग, इलाकाई पुलिस और मछली तस्करों के गठजोड़ से चल रहा खुला तस्करी बिक्री का काला कारोबार
एटा । देश एवं प्रदेश की सरकारें भले ही कितने नियम कानून क्यों न बनाये, लेकिन जब तक उन नियम कानूनों का स्थानीय प्रशासन द्वारा सख्ती के साथ धरातल पर पालन नहीं कराया जाता, सरकार के सारे प्रयास जैसे व्यर्थ समान ही हैं, भले विषय विभाग कोई हो, लेकिन हैं एक कलंक समान । बरहाल सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर बात करें तो वर्तमान समय में एटा जिले में प्रतिबंधित मछली की तस्करी बिक्री करने बाले तस्करों के तार इतने मजबूत भी होंगे शायद सोचा न था, क्योंकि लम्बे समय से मत्स्य विभाग की मेहरबानी से जिले में चल रहे प्रतिबंधित माँगूर मछली के काले धंधे ने जैसे ही मीडिया में सुर्खियां पकड़ी मत्स्य विभाग के साथ स्थानीय पुलिस की भी बल्ले बल्ले हो उठी, नतीजा नियम विरुद्ध चलते इस काले धंधे में बड़ा बंदर बाँट होने लगा, जिसकी बजह से ये काला कारोबार बन्द होने के बजाय इसमें बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो उठी । कारण भले जो हों लेकिन ऐसा प्रतीत होता जैसे मत्स्य विभाग और इलाकाई पुलिस का मछली तस्करों पर खुला आशीर्बाद हो । शायद इसी बजह से दूसरे जनपदों और प्रांतों से तस्करी करके लाई जाने बाली प्रतिबंधित मछली की खपत में बेतहाशा वृद्धि हो गयी । स्थिति ऐसी बन गयी कि एटा शहर से लेकर अलीगंज, जैथरा, मैनपुरी एटा की सीमा, मरथरा, कासगंज मार्ग आदि तमाम स्थानों पर नियम को ताख पे रख बिकती माँगूर का हल्ला जोरों पर हो गया । लेकिन मलावन थाने के सामने दूसरी तरफ सलमान और बॉडी का प्रतिबंधित मछली का अबैध साम्राज्य मत्स्य विभाग के लिये ही नहीं मलावन थाना पुलिस के लिये भी किसी कलंक से कम साबित नहीं हो रहा हैं …