
एटा,जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय, एटा की राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों का सात दिवसीय विशेष शिविर रोज एकेडमी स्कूल, आगरा रोड, एटा में चल रहा है। शिविर के सातवें और अंतिम दिन आज दिनांक 26 मार्च 2023 को कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और उनके समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। स्वयंसेविकाओं निधि सोलंकी, अंजली कुमारी तथा मीनू ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने एन.एस.एस. की शपथ ली और एन.एस.एस. गीत प्रस्तुत किया। शिविरार्थियों ने एन.एस.एस. क्लैप द्वारा अतिथियों का स्वागत किया। पुष्प गुच्छ, उत्तरीय एवं स्मृति चिन्ह द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। आज सर्वप्रथम राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारियों श्री संजय यादव, श्रीमती जया गुप्ता तथा डॉ. रत्नेश कुमार मिश्र ने कार्यक्रम अध्यक्ष एवं अतिथियों के समक्ष इस सात दिवसीय शिविर के दौरान अपनी-अपनी इकाइयों की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
आज के कार्यक्रमों की श्रंखला में गीत,समूह गान और भाषण के अंतर्गत पहली प्रस्तुति अंजली कुमारी की थी। उन्होंने एक राष्ट्र भक्ति गीत प्रस्तुत कर शिविरार्थियों में देशप्रेम का उत्साह जगाया। दूसरी प्रस्तुति समूह गान की थी। इस समूह गान में श्वेता यादव, कनक तिवारी तथा समीक्षा शर्मा के साथ सभी श्रोताओं ने अपने स्वर मिलाए। तीसरी क्रम पर प्रियांशु भारद्वाज ने राष्ट्र
प्रेम के गीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। चौथी क्रम पर गीता यादव ने नारी सशक्तिकरण पर भाषण प्रस्तुत किया। पांचवीं प्रस्तुति नेहा का भाषण था जिसके माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत पोस्टर प्रदर्शन खंड का आयोजन हुआ जिसमें निधि सोलंकी, नेहा, खुशबू, खुशी, मीनू और लोकेश ने पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सड़क सुरक्षा और जी-20 तथा भारत का नेतृत्व विषयों पर बहुत सुंदर और प्रेरणादायक पोस्टरों का प्रदर्शन किया। सभी अतिथियों ने शिविरार्थियों की रचनाधर्मिता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
आज के कार्यक्रम की विशिष्ट प्रस्तुति बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर प्रस्तुत एक नुक्कड़ नाटक था। इसकी स्क्रिप्ट स्वयंसेवक लोकेश ने तैयार की थी। जिसमें एक अनपढ़ माँ अपनी बेटी को पढ़ने की बजाय घर का काम करने को कहती है। तभी डाकिया बने लोकेश एक चिट्ठी लाकर उसे देते हैं। वह पास-पड़ोस की बहुत सारी महिलाओं से चिट्ठी पढ़ देने का आग्रह करती है। चिट्ठी अँगरेजी में होने के कारण कोई पढ़ नहीं पाता। महिलाएं यह अंदाज लगाती हैं कि इसमें कोई बुरी खबर है। अनपढ़ माँ बहुत दुखी हो जाती है। तभी उसकी बेटी अपना घर का काम खत्म कर वापस आती है। उसे अँगरेजी पढ़नी आती है। चिट्ठी पढ़कर उसने बताया कि इसमें हमारे नाना-नानी ने हमारे लिए शुभकामनाएं लिखी हैं। तब माँ बेटी को गले लगाते हुए उससे कहती है कि अब मुझे पढ़ने का महत्व समझ में आ गया है। तू जितना पढ़ना चाहेगी मैं तुझे पढ़ाऊंगी। इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से शिविरार्थियों ने जनता को बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय के मुख्य अनुशासन अधिकारी श्री प्रवेश पांडेय तथा रोज एकेडमी स्कूल एटा की प्रधानाचार्या श्रीमती मुकुल भारद्वाज ने शिविरार्थियों को संबोधित किया और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शनों के लिए उनकी प्रशंसा की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला बार एसोशिएशन के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय की प्रबंध समिति के सचिव एडवोकेट श्री रामनरेश मिश्र ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र के निर्माण तथा उन्नत समाज के विकास के लिए हम सब में लोकहित और लोकसेवा की भावना होनी चाहिए। जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय एटा की राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयां अपनी गतिविधियों के माध्यम से इस कार्य को बखूबी अंजाम दे रही हैं। उन्होंने शिविरार्थियों को ऐसे ही देश और समाज के लिए कार्य करते रहने की प्रेरणा दी और उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के श्री विनोद तथा नगर के अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
आज के कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक सौरभ वर्मा तथा स्वयंसेविका अनामिका भारद्वाज ने बहुत अच्छे ढ़ंग से किया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) भारत भूषण सिंह परिहार ने सभी स्वयंसेवकों व स्वयंसेविकाओं के उत्साहपूर्ण प्रतिभाग के लिए उनकी सराहना की तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम अधिकारियों श्री संजय यादव, श्रीमती जया गुप्ता एवं डॉ. रत्नेश कुमार मिश्र को बधाई दी।