ट्रकों व अन्य मालवाहकों के लिए 20 अप्रैल से खुलेंगी सड़कें, लेकिन लागू होंगें ये नियम

*ट्रकों व अन्य मालवाहकों के लिए 20 अप्रैल से खुलेंगी सड़कें, लेकिन लागू होंगें ये नियम*
*नई दिल्ली*, जागरण ब्यूरो। आगामी 20 अप्रैल से खोली जाने वाली सीमित गतिविधियों के तहत कोरोनारोधी एहतियाती उपायों के साथ सड़कों पर ट्रकों समेत विभिन्न मालवाहक वाहनों की नियमित आवाजाही प्रारंभ हो जाएगी। व्यक्तिगत वाहनों के मामले में सिर्फ आपात सेवाओं में लगे लोगों तथा छूट प्राप्त कंपनियों के कर्मचारियों के वाहनों को छूट होगी।
गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार जिस तरह अभी मालगाडि़यों, पार्सल ट्रेनों और मालवाहक विमानों का संचालन कोरोनारोधी उपायों के साथ निर्बाध रूप से जारी है, उसी प्रकार 20 अप्रैल से सड़क पर मालवाहक वाहनों, इनलैंड कंटेनर डिपो तथा समुद्री जहाजों की गतिविधियां भी एहतियाती उपायों के साथ खोल दी जाएंगी। अधिकृत कस्टम एजेंट तथा फॉरवर्डिंग भी अपना नियमित कार्य करने लगेंगे। इसी प्रकार पेट्रोलियम उत्पाद, एलपीजी, दवाएं और मेडिकल उपकरण तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं लाने-ले जाने के लिए सभी लैंड पोर्ट भी पूरी तरह से कार्य करने लगें
सामान की ढुलाई करने वाले सारे गुड्स कैरियर को लाइसेंसधारी दो ड्राइवरों और एक हेल्पर के साथ आने-जाने की इजाजत होगी। सामान उतारने के बाद खाली ट्रक वापसी कर सकेंगे। ट्रक वालों की सुविधा के लिए 20 अप्रैल से हाईवे पर ट्रकों की मरम्मत की दुकानों के साथ ढाबे खोलने की अनुमति भी दे दी गई है। इन दुकानो तथा ढाबों को राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित शारीरिक दूरी तथा अन्य नियमों का पालन करना होगा।व्यक्तिगत वाहनों की सशर्त आवाजाहीव्यक्तिगत वाहनों के मामले में केवल आपात सेवाओं में संलग्न प्राइवेट वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी गई है।
इनमें एंबुलेंस, सामान्य मेडिकल एवं पशुओं की चिकित्सा से संबंधित वाहन, आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए उपयोग में लाए जाने वाले वाहन शामिल हैं। निजी चारपहिया वाहनों में ड्राइवर के अलावा पिछली सीट पर एक सवारी के बैठने की अनुमति दी जा सकेगी। परंतु दोपहिया वाहन पर चालक के अलावा और किसी के बैठने की अनुमति नहीं होगी। छूट प्राप्त सभी वगरें के कंपनियों के कर्मचारियों को राज्य सरकारों तथा स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रदत्त निर्देशों के अनुसार अपने कार्यस्थल पर आने-जाने की अनुमति होगी।टोल बहाली पर एनएचएआइ जल्द भेजेगा प्रस्ताव सूत्रों के अनुसार 20 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमागरें पर ट्रकों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही टोल की वसूली फिर शुरू हो सकती है।
इस विषय में एनएचएआइ विचार कर रहा है। जल्दी ही इस बारे में प्रस्ताव तैयार कर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंत्रालय की अनुमति मिलते ही टोल की वसूली बहाल हो जाएगी। लॉकडाउन के कारण ट्रकों की आवाजाही बाधित होने से एनएचएआइ ने 24 मार्च की आधी रात से राष्ट्रीय राजमागरें पर टोल की वसूली अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित रखने का फैसला किया था। सामान्य दिनों में एनएचएआइ को टोल से रोजाना करीब 80 करोड़ रुपये की आय हो रही थी।
लॉकडाउन होने से ये आमदनी घटकर 20 करोड़ के आसपास रह गई थी। 20 अप्रैल से टोल बहाली होने की स्थिति में एनएचएआइ को रोजाना 40 करोड़ रुपये तक की आमदनी की उम्मीद है। जबकि 3 मई के बाद पूरी तरह लॉकडाउन खत्म होने पर आमदनी बढ़कर 60 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

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