गहरे रंगों से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिनको खाने से त्योहार पर लोगों का हाजमा खराब हो सकता, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा – जिले के आठ ब्लॉक मुख्यालय और जनपद मुख्यालय के बाहर इन दिनों रंगीन कचहरी, चिप्स, पापड़ से पटे हुए है। जनपद मुख्यालय पर ही रंगीन कचरी, चिप्स, पापड़ के 150 से 200 फड़ सजे हुए है।
इन फड़ों पर कुंतलों के हिसाब से कचहरी, पापड़-चिप्स सजे हुए हैं, जिन पर 60 से 80 रुपये तक बिक रही है। आलू के चिप्स-पापड़ 200 रुपये किलो, मैदा, चावल और साबूदान के चिप्स, पापड़, कचरी के दाम भी आसमान छू रहे हैं। ऐसा ही हाल जनपद के नगरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों का है। जहां फड़ों पर रंगीन कचरी सजी नजर आ रही है।
अभियान में सजी की रंगीन 175 किलो कचरी
रंगीन कचरी, चिप्स-पापड़ में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान शुरू किया है। बुधवार को सहायक खाद्य आयुक्त-2 डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में भगीपुर में छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई में टीम ने 175 किलों रंगीन कचरी को सीज किया। साथ ही सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है।
एटा-अलीगंज में मिलावटखोर दुकान बंद कर भागे
गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंचने से एटा और अलीगंज के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया। टीम पहुंचने की सूचना पर मिलावटखोर अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए, जिससे टीम कुछ ही प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर सकी।
अभियान में दो दिन भरे गये 15 सैंपल
एटा, होली त्योहार पर चलाये जा रहे अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो दिन में 15 सैंपल लिए हैं। साथ ही 175 किलो रंगीन कचरी सीज की है। 40 किलो दूषित मिठाई नष्ट कराई है। टीम ने बुधवार को पांच सैंपल लेने की कार्रवाई की। गुरुवार को एटा-अलीगंज से दस सैंपल लिए गए हैं।
मिलावट से बचने को घर में बना रहे मावा-चिप्स-पापड़
मिलावटी सामान का प्रयोग करने से बचने के लिए जागरूक लोग घर में ही खाद्य सामान तैयार कर रहे है। घरों में महिला-बेटियां आलू, चावल, मैदा के चिप्स-पापड़ तैयार करने में लगी है। इसके अलावा पशुपालकों से दूध खरीदकर घरों में मावा तैयार कर होली के पकवान बनाये जा रहे हैं।
खाद्य पदार्थ बनाने को 861 दिए लाइसेंस
जिले में खाद्य पदार्थ तैयार कराने को खाद्य सुरक्षा विभाग ने 861 लाइसेंस जारी किये हैं। लाइसेंस प्राप्त व्यापारी, दुकानदार भी मिलावटी सामान बेचने में लगे हुए है। इसके अलावा जनपद में 4696 खाद्य पदार्थ और सामान की बिक्री कराने वाले दुकानदारों ने भी विभाग में पंजीकरण कराये हैं।