देखते रहिए खुली आंखों से सपने,
पता चलते हैं नए रास्ते

ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर के प्रोफेसर बेर, घर हो या ऑफिस, डे ड्रीमिंग यानी सुनहरी कल्पनाएं करने की आदत को बड़ा ही रचनात्मक मानते हैं। उनके अनुसार इससे काम की चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलती है। खासकर, कार्यक्षेत्र में रचनात्मकता एक जरूरी स्किल है, जो इनोवेशन के रास्ते खोलती है। एक ही ढर्रे पर दौड़ते रहने की बजाए, कल्पनाएं करने वाले समाधान के नए रास्ते खोज पाते हैं। कल्पनाएं हमें नई संभावनाओं तक ले जाती हैं। हालांकि, इसके लिए अपने काम से जुड़ाव और उसकी गहन समझ होना जरूरी है।
काम करने की मिलती है प्रेरणा
हम सभी के कुछ सपनें, कुछ चाहतें, कुछ दूर के लक्ष्य होते हैं। इन लक्ष्यों, इन कल्पनाओं पर फोकस बनाए रखना, हमें उस दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करने में मदद करता है। बीच-बीच में अपने सपनों पर सोचना, उन्हें साकार होते देखना काम करने की रफ्तार को बढ़ा सकता है। खुली आंखों से सपने देखना, काम से परे एक तरह का मनोरंजन है जो तनाव और थकान को दूर करने में मदद कर सकता है
दूसरों को बेहतर समझ पाते हैं
अपने अच्छे भविष्य की कल्पनाएं करते रहना, हमदर्दी की भावना बढ़ाता है, जिससे दूसरों से अच्छे रिश्ते बनाने में मदद मिलती है। आखिरकार, हमारी कल्पनाएं ही हमें यह सोच सकने में सक्षम बनाती हैं कि दूसरे क्या महसूस कर रहे होंगे। समय-समय पर कल्पनाएं करते रहना, एक तरह से मस्तिष्क के उन हिस्सों को सक्रिय करता है जो नई संभावनाओं तक ले जाते हैं। साथ ही, हम अपने से अलग दूसरों की भावनाओं और अहसास की कल्पना कर सकते हैं, उन्हें अपना बेहतर सहयोग दे सकते हैं। समय-समय कल्पनाएं करते रहना हमें अपने आंतरिक जगत से जोड़ता है।
अति है बुरी
अपने अच्छे कल की कल्पनाएं करना अच्छा है, पर हर समय कल्पनाएं ही करते रहना ठीक नहीं। अपने हाथ के जरूरी कामों को छोड़कर, घंटों कल्पनाएं ही करते रहना, दूसरों से मिलने-जुलने के बजाए अकेले बैठे रहना ठीक नहीं है। खासकर, नेगेटिव सोच से घिरे लोगों का कोरी कल्पनाएं करना उनमें गलत सोच, डर और बेचैनी को बढ़ा सकता है। कुल मिलाकर, हम कल की कल्पनाएं करें, पर आज को भी जोश से जिएं। पूनम जैन
दिन में उड़ना बंद करो, काम करो…सुनहरे भविष्य की कल्पनाएं करने वालों को अकसर यह सुनना पड़ता है। पर, विशेषज्ञ सपने देखने की इस आदत को काम का दुश्मन नहीं मानते। अपने आज के सच से हटकर आगे के बारे में अच्छा सोच सकना कोई कम छोटी बात नहीं है।