पिछले 7 साल में उत्तर प्रदेश के 48 जिलों के 11902 बच्चों के साथ यौन शोषण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां प्रदेश में बच्चों व महिलाओं के प्रति हो रहे हिंसा को लेकर सख्त है और अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सजा दिलाने का आदेश देने के साथ ही ऐसे अपराधियों पर बुल्डोजर से भी कार्रवाई करते है।

आगरा । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां प्रदेश में बच्चों व महिलाओं के प्रति हो रहे हिंसा को लेकर सख्त है और अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सजा दिलाने का आदेश देने के साथ ही ऐसे अपराधियों पर बुल्डोजर से भी कार्रवाई करते है। इसके बावजूद पिछले 7 साल में उत्तर प्रदेश के 48 जिलों के 11902 बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। ये आकड़ा स्वयं उत्तर प्रदेश पुलिस के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध कराया गया है। यह केवल वे मामले हैं जो सामने आए है। ऐसे न जाने कितने ही मामले चुप्पी में गुम हो जाते हैं या फिर दबा दिए जाते हैं।

उत्तर प्रदेश के नौनिहालों का बचपन भी डर और दहशत के साये में
पिछले कुछ सालों में देश में बाल यौन शोषण की एक के बाद एक वीभत्स घटनाओं ने मानव समाज का सिर शर्म से झुका दिया है। सरकार की ओर से लगातार कायदे-कानून कड़े किए जाने के बावजूद घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। आए दिन हर राज्य, हर शहर में बाल यौन शोषण की खबरें सुनने को मिलती रहती है। उत्तर प्रदेश के नौनिहालों का बचपन भी डर और दहशत के साये में घिरा हुआ है। आए दिन प्रदेश के किसी न किसी हिस्से से बच्चों के यौन शोषण की खबरें सामने आती रहती हैं। बच्चों के संरक्षण संबंधी योजनाओं, सरकारी और गैर सरकारी प्रयासों के बावजूद बच्चे सुरक्षित नहीं हैं।

RTI से हुआ खुलासा
आगरा के चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में 48 जिलों से यह डेटा सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के 48 जिलों में से 2015 से 2021 तक के 11902 बच्‍चे यौन शोषण का शिकार हुए हैं। प्रदेश के अन्य जिलों से अभी डाटा आना शेष है। बच्‍चों के यौन शोषण के सबसे ज्यादा 800 मामले लखनऊ में दर्ज किए गए हैं। इसके बाद पीलीभीत में 700, सिद्धार्थनगर में , 607 बिजनौर में, 589 और महाराजगंज में 489 मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले सात साल में उत्तर प्रदेश के 48 जिलों के 11902 बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। ये केवल वे मामले हैं, जो सामने आए है। न जाने ऐसे कितने ही मामले चुप्पी में गुम हो जाते हैं या फिर दबा दिए जाते हैं।

रोज 4 बच्चियों के साथ यौन शोषण
चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने बताया कि उनके द्वारा पूरे प्रदेश के सभी जिलों से बच्चों के साथ हो रहे यौन शोषण के मामले में आंकड़े मांगे गए थे। अभी तक सिर्फ 48 जिलों से ही आंकड़े प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़े भी शर्मिंदा करने वाले हैं। इन 48 जिलों में रोज 4 बच्चियों के साथ यौन शोषण की घटना को अंजाम दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यह हालत तब है जब सामने आए मामलों में पॉक्सो एक्ट की कार्रवाई की जा रही है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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