
औरैया। किसान मोर्चा के बैनर तले भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के द्वारा 120 किलोमीटर गांव गांव जाकर पदयात्रा निकालकर किसानों के मुद्दों को आप तक पहुंचाने का कार्य किया है जिसकी विभिन्न समस्या बिंदु दर्शाई गई है
1– जीरा मध्यम सिंचाई परियोजना का कार्य जल्द प्रारंभ करें एवं आर्थिक सूखाग्रस्त एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र शाजी किल्लाई रामपुरा सेमाढाना सत्तॎढाना सागोनी गुरू चैनपुरा को सिंचाई परियोजना की डीपीआर मे सम्मिलित सम्मिलित कर इध गांव को जेरा माध्यम से सिंचाई का लाभ दिया जाए
2– डूब क्षेत्र के को केंद्र सरकार के वादा अनुसार 4 गुना अर्थात 2000000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए
3– तहसील जैसीनगर के ग्राम औरैया में पूर्व में सुकृत बड़े तालाब का निर्माण किया जाए जिससे औरैया के साथ-साथ पडराई सगौनी पुरैना अगरिया सूखा खारमाऊ के किसानों की जमीनें भी सिचित हो सके
4– किसान सरकारों की गलत नितियो के द्वारा किसान कर्जदार हो गया है उसका संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए
5– सभी फसलों की एमएसपी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर C-2-5-के आधार पर दिया जाए
6– किसान शीतल रजक तहसील बंडा नकली रसायनिक दवा के कारण किसान को आत्महत्या करनी पड़ी थी उसे उसे उचित मुआवजा प्रदान किया जाए
7– खेत खेत बिजली ट्रांसफार्मर डीपी रखने की योजना पूर्व में संचालित की गई थी जिसको पुनः प्रारंभ किया जाए जिससे हर किसान अपने खेत की सिंचाई संचालित रूप से कर सकें
8- किसानों के खेत तक आवागमन के लिए खेत सड़क योजना जो पूर्व में संचालित थी जो आज कल बंद है उसे पुनः शुरू किया जाए
9– जैसीनगर तहसील सहित सभी तहसिलो मे मुआवजा राशि सोयाबीन अतिवृष्टि की राशि आ चुकी है जैसीनगर के किसानों को मुआवजा की राशि तत्काल उनके खाते में दिया जाए और फसल बीमा भी तत्काल किया जाए
10– पूर्व में सरकार के समय सोयाबीन की 75०/०अतिवृष्टि बकाया राशि एवं वर्तमान सरकार के द्वारा बकाया33०/० सोयाबीन. अति ब्रष्टि एवं गेहूं का बोनस और भाव अंतर का किसानों की राशि सरकार पर बकाया है जिसका तत्काल किसानों के खातों में भेजा जाए
11- समस्त ग्राम पंचायतों को आदेश दिए जाएं कि वह सालाना बजट का 40 से 50% हिस्सा ग्रामीण संरचनाओ को मजबूत करने में खर्च करें जैसे की नदी नालों का सुंदरीकरण गहरीकरण चेक डैम स्टोपडैम निर्माण
समस्याओं से बाहर आ सके
12– किसानों को कृषि यंत्र बीज खा गयो रसायनिक दवाइयां सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएं
13– देश कृषि प्रधान होने के बावजूद भी किसानों की मूलभूत समस्या जैसे यूरिया डीएपी के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है यह घोर निंदनीय है इसकी व्यवस्था जिस तरह राशन वितरण प्रणाली में गांव गांव राशन भेजा जाता है उसी तर्ज पर किसानों को यूरिया डीएपी बोनी की सीजन पर प्रारंभ होने की 15 दिनों पहले सरकार द्वारा करवाया जाए
14– किसानों के लिए सिंचाई के टेंपरेडी कनेक्शन घर का बिल में वृद्धि की गई है जो अधिभार बढ़ाया गया है वह वापस लिया जाए बिजली अधिनियम 2020 वापस लिया जाए किसानों को कम से कम 18 घंटा बिजली उपलब्ध कराई जाए
15– खाता खतौनी नामांतरण के नक्शा सुधार एवं जो बंदोबस्त के टाइम जमीने गायब हुई हैं उनके लिए त्रुटी सुधार पथवाड़ा चलाया जाए
16– राजनीतिक दलों के द्वारा जो आगामी चुनाव होने हैं उनमें जो भी वादे घोषणापत्र में करे जाएं वह स्टांप पेपर पर लिखित रूप से करें ताकि वादे पूरे ना होने की स्थिति में जनता कोर्ट जाने का प्रावधान मिल सके भवदीय प्रदेश