राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 6,563 बच्चों को मिला निशुल्क लाभ – डा. उमेश त्रिपाठी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 6,563 बच्चों को मिला निशुल्क लाभ – डा. उमेश त्रिपाठी

जिले में ( 0 से 19 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क इलाज की सुविधा है उपलब्ध )

एटा ! जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 0 से 19 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाती है। यह योजना गरीब व जरूरतमंद बच्चों के लिए बेहद लाभकारी योजना है। योजना के अंतर्गत इस वर्ष अप्रैल माह से अब तक 6,563 बच्चों को निशुल्क लाभ मिला है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों के चार ‘डी’ पर फोकस किया जाता है | जिनमें डिफेक्ट एट बर्थ, डिफिशिएंसी, डिसीज, डेवलपमेंट डिलेज इन्क्लूडिंग डिसएबिलिटी यानि किसी भी प्रकार का विकार, बीमारी, कमी और विकलांगता है। उन्होंने बताया कि  जिले में इस वर्ष अप्रैल माह से अब तक 6563 बच्चों को योजना के अंतर्गत लाभ मिला है। 1231 बच्चों को चश्मे वितरित किए गए हैं। इसके अलावा जिले में जन्मजात विकृति (कटे फटे होंठ व तालू, क्लब फुट, दिल में छेद, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, मूक बधिर व अन्य विकृति) से ग्रसित 84 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इसमें से 58 बच्चों को इलाज मिल चुका है। सीएमओ ने कहा कि आरबीएसके योजना गरीब व जरूरतमंद बच्चों के लिए बेहद लाभकारी है। जिले में 0 से 19 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

योजना के नोडल अधिकारी व  एसीएमओ डॉ ओ.पी. आर्य ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग आंगनबाड़ी केंद्रों में होती है। आंगनवाड़ी केंद्रों पर साल में दो बार यानी प्रत्येक 6 माह पर बच्चों की स्क्रीनिंग की जाती है। इसके लिए जिले के 1,864 आंगनवाड़ी केंद्रों पर 3,728 विजिट के दौरान कुल 1.29 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग किया जाना लक्षित है। । उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक 1,655 आंगनवाड़ी केंद्र विजिट की जा चुकी है, इस दौरान 94 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। 6 से 18 साल तक के बच्चों की स्क्रीनिंग उनके स्कूलों में जाकर की जाती है ताकि बीमारियों के समुचित इलाज में देरी न हो। इसके लिए जनपद में कुल 1999 स्कूल विजिट के दौरान कुल 1.47 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग किया जाना लक्षित है। इसमें से 1381 स्कूल विजिट की जा चुकी है, इस दौरान 85 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है।

डिस्ट्रिक्ट अर्लीइंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) मैनेजर अभिलाष सिंह ने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 16 टीम कार्यरत है। जनपद के 8 ब्लॉक में कुल 2-2 टीम कार्यरत है। प्रत्येक टीम में दो डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स व एक पैरामेडिकल स्टाफ होता है। आरबीएसके योजना के अंतर्गत चिन्हित 40 बीमारियों का इलाज निशुल्क किया जाता है।
लाभार्थी अली के पिता बाबर निवासी ग्राम कोछी डेरा ने बताया कि उनके पुत्र अली का जन्म अगस्त 2021 में हुआ था। जन्म के समय से ही अली का होठ व तालु कटा हुआ था।

आरबीएसके टीम ब्लॉक सकीट द्वारा लाभार्थी अली का पंजीकरण किया गया व इसके बाद नवंबर 2022 को आरबीएसके टीम द्वारा स्माइल ट्रेन के अंतर्गत सारस्वत हॉस्पिटल आगरा में अली का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद अली का होठ ठीक हो जाएगा। यह योजना उनके लिए बहुत अच्छी है। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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