श्रद्धा का कटा हुआ सिर रोज देखता था आफताब, अपना जुर्म कबूला, हत्या के बाद दूसरी लड़की को लाया, जिस रूम में लाश के टुकड़े रखे, वहीं सोता था, आरी से उसका भी हाथ कटा था, पिता ने फांसी की मांग की

दिल्ली के श्रद्धा वॉकर मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. साथ ही हत्या के आरोपी आफताब की दरिंदगी और डरावने चेहरे की कहानी भी छनकर सामने आ रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने जिस कमरे में श्रद्धा की डेड बॉडी के टुकड़े फ्रिज में रखे थे, वह उसी कमरे में लगातार 18 दिन सोता रहा. इतना ही नहीं वह रोज फ्रिज खोलकर श्रद्धा के कटे हुए सिर को भी देखता था.
इधर, आफताब को लेकर एक डॉक्टर अनिल कुमार का बयान सामने आया है. डॉक्टर का दावा है कि आफताब मई में सुबह के समय उनके क्लिनिक आया था. उसका हाथ कटा हुआ था और खून भी निकल रहा था. वह बहुत आक्रामक और बेचैन लग रहा था. मैंने उसके हाथ में स्टिच भी किए थे. जब मैंने चोट के बारे में पूछा तो उसने कहा कि फल काटते समय उसका हाथ कट गया था.
दो दिन पहले पुलिस आफताब को लेकर मेरे क्लिनिक आई थी. पुलिस ने मुझसे उसके इलाज के बारे में पूछा. मैंने उसकी पहचान की। डॉक्टर ने आगे बताया कि जब वह इलाज के लिए आया तो काफी कॉन्फिडेंट था. आंखे मिलकार बाते कर रहा था. वह अंग्रेजी में बोल रहा था. उसने मुझे बताया कि वह मुंबई से है और दिल्ली आया है क्योंकि यहां IT सेक्टर में अच्छे अवसर हैं.
जानकारी के मुताबिक, आफताब ने पुलिस के सामने कबूला कि मर्डर वाले दिन यानी 18 मई से एक हफ्ते पहले ही आफताब ने श्रद्धा को मारने का मन बना लिया था. उस दिन भी श्रद्धा और आफताब का झगड़ा हुआ था. मैंने 11 मई को ही उसे मारने की ठान ली थी कि वह अचानक से इमोशनल हो गई और रोने लगी. इसलिए मैंने तय किया कि अब इसे किसी और दिन मारूंगा.
न्यूज एजेंसी से बातचीत में एक पुलिस अफसर ने कहा- आफताब ने पूछताछ में बताया कि वो वेब सीरीज और खासतौर पर क्राइम शोज देखने का आदी था. इन्हीं को देखकर उसने श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स को फ्रिज में रखने का तरीका सीखा. इतना ही नहीं इन्हीं सीरीज और शोज के जरिए उसने यह भी सीखा कि कैसे श्रद्धा को फैमिली और फ्रेंड्स की नजरों में जिंदा दिखाया जाए. इसके लिए वो श्रद्धा के इंस्टाग्राम प्रोफाइल और अकाउंट को अपडेट रखने के लिए उस पर पोस्ट करता रहता था. इसमें किसी ने उसकी मदद नहीं की थी.
न्यूज एजेंसी से बातचीत में श्रद्धा के पिता विकास ने कहा- मेरी उससे आखिरी बार 2021 में हुई थी. तब मैंने उससे पूछा था कि तुम्हारा लिव इन पार्टनर कैसा है. उसने ज्यादा कुछ नहीं बताया था. मुझे तो यह भी नहीं पता था कि वो दिल्ली शिफ्ट हो गई है. उसकी एक दोस्त ने बताया कि श्रद्धा बंगलुरु में नहीं, बल्कि दिल्ली में है. आफताब को सबूत मिटाने के लिए बहुत वक्त मिल गया.
दिल्ली पुलिस आज सुबह आफताब को लेकर महरौली के जंगल पहुंची. आफताब ने कुबूल किया था कि मर्डर के बाद उसने बॉडी के 35 टुकड़े किए और उन्हें जंगल में फेंक दिया. अब तक 10 बॉडी पार्ट्स मिलने की बात सामने आई है. जो बॉडी पार्ट्स मिले हैं, वो इंसान के लग रहे हैं. फोरेंसिक जांच के जरिए इसकी पुष्टि भी की जाएगी. DNA टेस्ट भी होगा. एक और चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि आफताब ने मर्डर के बाद एक लड़की को फ्लैट पर बुलाया था. तब श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स फ्लैट में ही थे. आफताब और दूसरी लड़की डेटिंग ऐप के जरिए मिले थे. पुलिस इस डेटिंग ऐप से आफताब की जानकारी जुटाएगी. पुलिस जानेगी कि वह किन लड़कियों से मिला और हत्या की वजह इनमें से कोई लड़की तो नहीं. आफताब ने मुंबई या उसके आसपास श्रद्धा का मोबाइल फेंका था. पुलिस लास्ट लोकेशन के जरिए इसकी तलाश कर रही है. पुलिस ने आफताब और श्रद्धा के कॉमन दोस्तों को पूछताछ के लिए बुलाया है. आफताब 15 दिन पहले पालघर के वसई स्थित हाउसिंग सोसाइटी में अपने घर आया था. सोसाइटी के एक मेंबर ने मंगलवार को कहा कि आफताब अपने परिवार को मुंबई शिफ्ट करने के लिए यहां आया था. उसके बाद वह दिल्ली लौट गया. बताया जा रहा है कि मर्डर के बाद एक और लड़की को फ्लैट पर बुलाया था.