
फैसलों का दिन आरक्षण नियमों से जुड़े संविधान संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, पांच सदस्यीय पीठ ने सही ठहराया
*गरीब सवर्णों का कोटा कायम रहेगा*
गरीब सवर्णों का कोटा कायम रहेगा
गरीब सवर्णों का कोटा कायम रहेगा
गरीब सवर्णों का कोटा कायम रहेगा
असहमत
103वां संशोधन संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन है। संवैधानिक रूप से निषिद्ध भेदभाव को बढ़ावा देता है। ये समानता पर आघात है।
-न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट
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किन्हें मिलेगा ईडब्ल्यूएस आरक्षण
● परिवार की आय सालाना आठ लाख रुपये से कम
● कृषि योग्य भूमि पांच एकड़ से कम हो
● आवासीय घर 1000 वर्ग फुट से कम का हो
● अधिसूचित नगर पालिका में 100 गज से कम, गैर अधिसूचित पालिका में 200 गज से कम का प्लॉट
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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) लोगों को नौकरी और शिक्षा में 10 आरक्षण देने के सरकार के फैसले को कायम रखा है। पीठ में जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने आरक्षण के पक्ष में फैसला सुनाया। वहीं, मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण से असहमति जताई और इसे असंवैधानिक ठहराया।
जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, बेला एम त्रिवेदी और जेबी पारदीवाला ने बहुमत के फैसले में कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटा संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता। उन्होंने यह भी माना है कि ईडब्ल्यूएस कोटा आरक्षण की 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन नहीं करता। वहीं, जस्टिस रवींद्र भट ने फैसले पर असहमत जताते हुए कहा, गरीबों को आरक्षण देना गलत नहीं है लेकिन पिछड़े लोगों को इससे वंचित रखना ठीक नहीं होगा। उन्होंने आरक्षण के मामलों में 50 की अधिकतम सीमा के उल्लंघन के खिलाफ भी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, 50 की सीमा के उल्लंघन की अनुमति देने से विभाजन होगा। जस्टिस भट की इस राय से जस्टिस यूयू ललित ने सहमति दी है।
आगे क्या ईडब्लूएस को 10 आरक्षण देने से मौजूदा आरक्षण पर फर्क नहीं पड़ेगा। सरकार ने कहा है, शिक्षण संस्थानों में दो लाख सीटें बढ़ाई हैं, जिससे सामान्य श्रेणी के लिए बचे हुए 50 में कमी नहीं आएगी।
नौकरियों पर असर नौकरियों में असर पड़ेगा, क्योंकि सरकार ने यहां सामान्य वर्ग के लिए 50 कोटे में इजाफा नहीं किया है। ईडब्ल्यूएस का 10 कोटा जुड़ने से कुल आरक्षण 60 हो जाएगा जिससे सामान्य वर्ग के लिए सीटें 40 ही रह जाएंगी।