
लोक समाज पार्टी
गुजरात# मोरवी# पुल हादसे मे मारे गए प्रत्येक मृतक आश्रित परिवार को 50_50 लाख रुपए मुवाजा के साथ प्रत्येक परिवार को एक#एक सरकारी नौकरी दिया जाय! लोक समाज पार्टी
लोक समाज पार्टी दिल्ली इकाई के तरफ से जीरो पुश्ता,सोनिया बिहार में गुजरात के मोरबी शहर में पुल हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दिया गया। इस मौके पर लोक समाज पार्टी मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश कुमार सेन,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शाहनवाज अली, राम सिंह कुशवाहा, कमलेश्वर पटेल,राम भजन मिश्रा,रामजी लाल तिवारी, रितु अंकुर शर्मा (एडवोकेट),ऋतु राज शर्मा, उपेंद्र यादव, राम केवल यादव, चौधरी किशन पाल, रितांशु शर्मा, पवन शर्मा सहित दर्जनों बच्चों ने भाग लिया
इस मौके पर लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर शर्मा ने कहा कि गुजरात के मोरबी शहर में मछु नदी पर बने केबल पुल को 1789 में बाग राजा बाघजी रावजी ने ब्रिटिश इंजीनियरों की मदद से बनवाया था। वह पुल इतना आकर्षक था कि वह देश के कई पर्यटन केंद्रों में से एक था यह पुल लगभग 784 मीटर लंबा 4 फुट चौड़ा बना था। इसकी डिजाइन इतनी आकर्षक थी कि जिनको भी यह पता चलता था उस पर्यटन स्थल पर जरूर जाने का प्रयास करते थे।
30 अक्टूबर 2022 को करीब 500 लोग वहां पर उस पुल पर इकट्ठा हुए और फुल इतना जर्जर हालत में था कि वह भार सहन नहीं कर पाया और वह पुल टूट गया । जिसमें से देश के प्रधानमंत्री स्वयं जिस धर्म के खिलाफ और अपने भक्तों से जहर उगलवाते हैं उसी धर्म के लोगों कई लोगों ने नदी में कूद कर कई दर्जन लोगों की जान बचाई। संजोग की बात है कि देश के प्रधानमंत्री उसी दिन गुजरात में अपने पार्टी का प्रचार प्रसार कर रहे थे जब उनको सूचना मिली कि सैकड़ों लोग इस पुल से गिर पड़े चीख पुकार मिल रही है तो प्रधानमंत्री जी ने उस समय टेलीविजन पर यह कहते दिखे कि मेरे सामने 2 पथ है। एक राज धर्म का पथ और दूसरा पार्टी का पथ। उन्होने आगे कहा कि उस समय प्रधानमंत्री को अपना प्रचार प्रसार बंद करके तुरंत उस दुर्घटना में मारे गए लोगों के लिए यथासंभव राहत सामग्री या उपकरण वहां पर भेजवाते तथा पल-पल की खबर लेते लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा न करके उन्होंने अपनी पार्टी पथ चुनते हुऐ अपने पार्टी के लोगों को जिताने के लिए प्रचार करना ही अपना धर्म समझा।
मजे की बात यह है जो ओरेवा ग्रुप कंपनी जो सही मायने में सीएफएसएल बल्ब, दीवार घड़ी ई_बाइक बनाने में महारत हासिल है यानी किसी भी पुल के निर्माण में उस कंपनी ने काम करने का अनुभव ही नही था फिर भी उस कंपनी को बिना टेंडर के दिया गया और उस पुल के मेंटेनेंस के लिए दो करोड़ रूपया दिया।जो समाचार मिले हैं उन दो करोड़ में सिर्फ 12लाख रुपए ही लगे बाकी रुपया उस कंपनी को गया और उस कंपनी के माध्यम से हो सकता है पार्टी भाजपा के लोगों को चंदा भी मिला। यह स्वयं सिद्ध हो जाता है कि भाजपा का के लोगों को चंदा नहीं मिलता तो बिना टेंडर के यह ठेका कि नहीं मिलता।
मजे की बात यह है ओरेवा कंपनी के एक प्रबंधक ने कंपनी की जिम्मेदारी लेने के बजाय वह कहता है कि यह भगवान के द्वारा किया गया और वह अपने को साफ पाक बताया। जबकि सच्चाई यह है कि वह पुल जिन लोहे की राशियों पर वह पुल लटका था, वह काफी पुराना हो चुका था। 143 वर्ष की उम्र हो चुकी थी। उनमें जंग खा रखा था। उनमें लोच बिल्कुल नहीं रह गया था।उनमें लगे नट बोल्ट जर्जर हो चुके थे।कायदे से उसे बदला जाना चाहिए था मगर ऐसा करना तो दूर उनमें तेल ग्रीस लगाने की भी जरूरत नहीं समझी गई और यही नहीं बिना सुरक्षा प्रमाण के उस पुल को जनता के लिए खोल दिया गया।
लोक समाज पार्टी भारत सरकार सहित गुजरात सरकार यानी पटेल सरकार को मांग पत्र भेज रही है जिसमें यह मांग किया किया गया है की मृतक आश्रित के प्रत्येक परिवार को कम से कम 50_50लाख रुपए मुआवजा दिया और प्रत्येक परिवार में एक सरकारी नौकरी के साथ जिन परिवारों में मकान की असुविधा हो उनको मकान भी उपलब्ध कराया जाए। मजे की बात यह है कि गुजरात में चुनाव हो रहा है और वहां पर मच्छु नदी पर बने पुल हादसे पर सुझाव और उनकी मरहम लगाने का काम करना चाहिए था लेकिन चाहे वह बीजेपी हो कांग्रेस हो या आम आदमी वहां पर सब लोग अपने पैसे के बल पर सिर्फ अपनी अपनी पार्टी का प्रचार करने में मस्त हैं उनमें से किसी ने उनके भविष्य के लिए कोई उपाय नही किया वहां की सरकार ने मात्र प्रत्येक मृतक के आश्रित को मात्र ₹4लाख की घोषणा की है। देश में पुल दुर्घटना आम हो रही है अभी बुंदेलखंड में एक्सप्रेस पर आज उद्घाटन किया गया और वह सड़क तीसरे दिन ध्वस्त हो गया तो परिवहन अथॉरिटी और सेतु निर्माण अथॉरिटी कमिशन खोरी को त्यागते हुऐ ईमानदारी के काम करें।