9 माह बाद भी कासगंज पुलिस की पकड़ से दूर अपराधी
8 जनवरी को गंजडुंडवारा थाना पुलिस ने अवैध शस्त्र फैक्ट्री का किया था अनावरण
फरार दो अपराधी मुखबिर को दे रहे जान माल की धमकियां

कासगंज। लगता है योगी सरकार का खौफ भी अब अपराधियों पर कारगर नहीं हो रहा। अपराधिक घटनाओं में लगातार इजाफा होना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। अवैधानिक कार्यों में लिप्त ऐसे तमाम अपराधी पुलिस की गिरफ्त से दूर है, भला ऐसे में अपराधिक घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है। पुलिस की यही हीला हवाली अब कासगंज पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन गई है।
दरअसल, वर्ष के आरंभ में जनवरी माह में 8 जनवरी को कासगंज जनपद के गंजडुंडवारा थाना पुलिस ने एक बड़ी शस्त्र फैक्ट्री का अनावरण किया था। जिसमें नो अदद तमंचा 315 बोर, एक तमंचा 32 बोर, तीन तमंचे 12 बोर, एक अदद राइफल 315 बोर, चार जिंदा कारतूस 315 बोर, और छह कारतूस जिंदा 12 बोर के अलावा 15 अतिरिक्त अधबने तमंचो का जखीरा बरामद हुआ था। यही नहीं अवैध तमंचा बनाने की फैक्ट्री में दो ब्लेड आरी, चार लोहे की रेती, 2 छैनी, दो सुन्नी बड़ी और छोटी, 5 बॉडी लोहा तमंचा, नील लोहा 12 बोर, एक हथौड़ी, एक धौकनी मय कोयला भट्टी, एक मशीन ग्रुप ग्राउंडिंग लोहा, 14 बड़ी स्टील पाइप, 5 वेल्डिंग रोड और शस्त्र बनाने के भारी मात्रा में उपकरण, मोबाइल विवो एंड्राइड भी बरामद किया था। मुखबिर की सटीक सूचना पर गंजडुंडवारा थाना पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली।
थाने के उपनिरीक्षक राजीव कुमार सिंह और उनके साथ एसआई जंग बहादुर सिंह, हमराह हैंड कांस्टेबल संजय सिंह, कृष्णकांत शर्मा और अवधेश चौधरी ने चालक कुलदीप शाक्य के साथ पुरानी गंगा की कटनी स्थित छितौनी पुलिया के निकट राम छितौनी गांव में दबिश के दौरान अवैध शस्त्र फैक्ट्री का संचालन करने वाले बरसोरा अमापुर कासगंज के निवासी तिलक सिंह के पुत्र सर्वेश कुमार और इसी गांव के महेश के पुत्र माइकल, अरथरा पिलुआ एटा के निवासी मुखराज के पुत्र पुष्पेंद्र को मौके पर गिरफ्तार किया था। जबकि सोने लाल का पुत्र बरसोंडा अमापुर निवासी संजू दिवाकर और नगला प्रेमी बागवाला एटा का निवासी कैलाश पुलिस की दबिश के दौरान भागने में सफल रहा। पुलिस द्वारा पकड़े गए सर्वेश माइकल और पुष्पेंद्र को जेल भेज दिया गया जो वर्तमान में कासगंज जिला कारागार में निरुद्ध है, लेकिन शस्त्र फैक्ट्री का संचालन करने वाले संजू दिवाकर और कैलाश को पुलिस आज तक नहीं पकड़ सकी है। दोनों अपराधी खुलेआम गंजडुंडवारा में घूम रहे हैं, जिस मुखबिर ने पुलिस को इस शस्त्र फैक्ट्री के विषय में जानकारी दी थी, उसे भी डरा धमकाया जा रहा है। मुखबिर की जान पर बन आई है, लेकिन पुलिस खुलेआम घूम रहे संजू दिवाकर और कैलाश को गिरफ्तार करने के कोई प्रयास नहीं कर रही।