*अधिकारी के अनुसार, डीएपी की कमी नहीं*

एटा।मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि जनपद में प्राइवेट दुकानों पर डीएपी की कोई कमी नहीं है। प्राइवेट दुकानों पर 57 सौ मीट्रिक टन से अधिक डीएपी उपलब्ध है। किसान प्राइवेट खाद लेकर फसल बुबाई का कार्य शुरु कर सकते है। उन्होंने बताया कि अगर कोई खाद विक्रेता डीएपी की कालाबाजारी करता है तो उसकी सूचना सूचना किसान कृषि विभाग के अधिकारियों से कर सकते है। किसान की शिकायत पर पुष्टि होने पर संबंधित दोषी खाद विक्रेता का लाइसेंस निलंबित या फिर निरस्त किया जाएगा। रवी फसलों के उत्पादन के लिए शासन से कुल 12827 मीट्रिक टन डीएपी वितरण कराने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
एटा, संवाद। जनपद की सभी सहकारी समितियों पर डीएपी खत्म हो चुकी है। फर्टिलाइजर की दुकानों पर प्राइवेट कंपनियों की खाद मिल रही है। इस पर किसान भरोसा न करते हुए बेहद कम डीएपी ले रहे है। जबकि संबंधित विभागों के अधिकारी जनपद में भरपूर डीएपी उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं।
देहात क्षेत्रों की सहकारी समितियों पर 21 अक्तूबर को अंतिम बार खाद वितरण किया गया था। उसके बाद से अब तक खाद वितरण स्टॉक खत्म होने से बंद चल रहा है। जबकि गल्ला मंडी स्थित इफको की दोनों सहकारी समितियों पर बीते दिन सोमवार से डीएपी का स्टॉक खत्म हो जाने से इन दोनों प्रमुख केंद्रों पर भी डीएपी वितरण बंद हो चुका है। ऐसे में किसानों को डीएपी के लिए बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान खाद केंद्रों पर आकर लौट रहे हैं। मंगलवार को गल्ला मंडी के इफको किसान सेवा केंद्र एवं साधन सहकारी खाद भंडार पर सुबह से दोपहर तक दूर दराज क्षेत्रों के किसानों का आवागमन बना रहा, लेकिन केंद्रों पर खाद वितरण न होने से किसान आकर वापस लौटते रहे।
प्राइवेट कंपनियों की खाद पर भरोसा नहीं कर रहे किसान जिले के 90 फीसदी किसान प्राइवेट कंपनियों की खाद लेने से परहेज कर रहे है। किसान केवल इफको एवं कृभको कंपनी की खाद ही लेना पसंद कर रहे है। किसानों का यह भी कहना है कि प्राइवेट कंपनियों की डीएपी से फसल उत्पादन में परिणाम भी अच्छे देखने को नहीं मिलते। इसके साथ ही खाद भी महंगी मिल रही है।
लक्ष्य से अधिक बंट गई खाद अक्तूबर माह में 1481 एमटी खाद बिक्री का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 3811 एमटी खाद बांट दी गई। अभी नवंबर माह का लक्ष्य 7376 एमटी तय हुआ है। इसके लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। संभावना है कि चार नवंबर को रैक मिलेगी।
डीएपी के लिए किसान ना करें चिंता, उपलब्ध है खाद डीएम
एटा, कृषकों को उर्वरक डीएपी खरीदने में कोई समस्या नहीं आएगी। डीएम ने कृषकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने 20 टन से अधिक उपलब्धता वाले उर्वरक डीएपी क्रय केन्द्रों की सूची जारी की है। सहकारिता वफर में 316 एमटी एवं निजी थोक विक्रेताओं पर 973 एमटी कुल 1284 एमटी डीएपी उपलब्ध है। नवम्बर माह के लक्ष्य के अनुसार लगभग 11600 एमटी डीएपी और आने वाली है। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि 20 टन से अधिक उर्वरक उपलब्धता वाले 05 थोक विक्रेता एवं 36 फुटकर विक्रेता चिन्हित किए गए हैं। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक क्रय कर सकते है। लगातार उर्वरक की रैक आ रही हैं। डीएपी उर्वरक का विक्रय मूल्य 1350 रूपये प्रति बोरी निर्धारित है। निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य में बिक्री करते हुए यदि किसी क्रय केन्द्र से शिकायत मिली तो जांचोपरान्त संबंधित थोक एवं फुटकर विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीएम ने किसानों से अपील की कि यदि किसानों को निर्धारित केन्द्र पर उर्वरक डीएपी0 क्रय करने में कोई समस्या है तो वह जिला कृषि अधिकारी के मोबाइल नम्बर 9918120606, डीडी कृषि रोताश कुमार मोबाइल नम्बर 8368650029 अथवा संबंधित तहसील के एसडीएम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
*“डीएपी नहीं मिली, मोबाइल पर आया मैसेज*
निधौली कलां। क्षेत्रीय सहकारी समितियां के किसान चक्कर काट रहे हैं। चार दिनों के बाद भी ब्लॉक की चार सहकारी समितियों को 500-500 डीएपी बोरी खाद मिली। उसके बाद भी किसान खाद लेने के लिए इधर-उधर भटक रहे है। समितियों से मनमाने ढंग से खाद का वितरण किया जा रहा है। मंगलवार को डीएपी, यूरिया लेने पहुंचे किसान पुष्पेंद्र सिंह, राम सिंह, महेंद्र सिंह, पुष्पा देवी, रामादेवी, लता देवी ने बताया आधार कार्ड, खेती की फर्द जमा और अंगूठा लगाने के बाद भी मोबाइलों पर डीएपी की सुकृति का मैसेज भी आ चुका है। डीएपी किसानों के हाथ नहीं लग सकी है। 28 अक्तूबर से क्षेत्रीय सहकारी समिति के बाहर सैकड़ों किसान सुबह 7 से 2 बजे तक बैठकर इंतजार कर रहे है।”