दिल्ली में तेज हुई कोरोना की रफ्तार, मुंबई को पीछे छोड़ मरीजों की संख्या 70 हजार पार

●मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या 69528 है
●अब तक दिल्ली में कोरोना के मामले 70390

दिल्ली में तेज हुई कोरोना की रफ्तार, मुंबई को पीछे छोड़ मरीजों की संख्या 70 हजार पार

दिल्ली में मुंबई से ज्यादा कोरोना फैल चुका है. राजधानी में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 70 हजार के पार पहुंच चुका है, जबकि 2365 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. अब तक दिल्ली में कोरोना के 70390 मामले दर्ज हुए हैं. वहीं, मुंबई में 69528 केस आए हैं.

बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 3788 नए मामले सामने आए और 64 मरीजों की मौत हुई. वहीं, एक्टिव केस 26,588 बताए जा रहे हैं, जबकि होम आइसोलेशन में 14,844 लोग हैं. दिल्ली में अब तक कुल 41,437 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं.

इधर, मुंबई की बात की जाए तो यहां कोरोना मरीजों का आंकड़ा 69528 है, लेकिन दिल्ली से ज्यादा मौतें मुंबई में हुई हैं. मुंबई में कोरोना से अब तक 3964 लोगों की मौत हुई है. वहीं, राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 142900 है, जबकि एक्टिव केस 62354 हैं. महाराष्ट्र में कोरोना से अब तक 6739 लोगों की मौत हुई है.

?LG-केजरीवल सरकार फिर आमने-सामने

कोरोना संकट के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और केजरीवाल सरकार फिर आमने-सामने आ गई है. इस बार मामला कोरोना के मरीजों के होम क्वारनटीन का है. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि एलजी साहब के आदेश की वजह से एंबुलेंस का सिस्टम दबाव में है. बसों में लोगों को बैठा कर ले जाना पड़ रहा है.

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में अफरा-तफरी मच गई है. कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाला व्यक्ति या तो घर रहना चाहता है या हॉस्पिटल जाना चाहता है, लेकिन एलजी साहब की आदेश की वजह से हर कोई घर ही रहना चाहता है. कोई हॉस्पिटल या क्वारनटीन सेंटर नहीं जाना चाहता है.

❄️जबरदस्ती कोविड सेंटर में रखना हिरासत जैसाः केजरीवाल

वहीं, होम क्वारनटीन के नए नियमों पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आपत्ति जताई है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि माइल्ड या बिना किसी लक्षण के लोगों को कोविड सेंटर में 15 दिन के लिए ले जाना हिरासत जैसा है. केजरीवाल ने केंद्र सरकार से होम क्वारनटीन के नए आदेश को वापस लेने की अपील की है.

केजरीवाल ने कहा, ‘मेरे पास कई लोगों के फोन आए जो बिलकुल माइल्ड और बिना लक्षण वाले हैं. अब उन्हें अगर पुलिस और प्रशासन पकड़ कर कोविड सेंटर में ले जाएगी तो यह एक तरह से 15 दिन के लिए हिरासत में रखने वाली बात है. अगर किसी 80 साल की बुजुर्ग महिला को कोरोना हो जाता है और उसमें कोई खास लक्षण नहीं है, उनको पकड़ कर कोविड सेंटर ले जाएंगे. उनका ख्याल कौन रखेगा.’

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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