आशंकितों को पनाह देने वाले भी कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। गुरुवार को पुलिस लाउड स्पीकर के जरिए लोगों को सावधान भी करती रही। फरार लोगों की सूचना देने वालों का नाम भी गुप्त रखने की जानकारी दी गई। इसके बाद ही पुलिस के पास फोन आने शुरू हुए। कई बवालियों को पकड़ने में भी सफलता मिली। चालीस से अधिक को ट्रेस भी कर लिया गया।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना वायरस की चपेट में आकर जान गंवाने वाले सरताज अली के करीबियों को क्वारंटाइन करने गई थी। विरोध में लोगों ने पुलिस और डाक्टरों पर पत्थरबाजी करके क्वारंटाइन होने के लिए जा रहे लोगों को छुड़ा लिया था। इसके बाद पथराव करते हुए फरार हो गए थे। कोरोना आशंकित लोगों ने करीबियों के यहां पनाह ली। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि आशंकितों को पनाह देने वाले भी कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं। एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि बवाल के बाद फरार लोगों की तलाश की जा रही है। चालीस से अधिक लोगों को ट्रेस भी कर लिया गया है।