एक जिला…दो राय….जिला प्रशासन चुप क्यों

सरकार एक नीति पर काम करने में यकीन करती है लेकिन जब जमीनी स्तर पर काम करने की बात आती है तो जिला प्रशासन एटा नें एक जैसे प्रकरण में दो राय अपना रखी है आखिर क्यों…..
सभी को ज्ञात है कि जिला प्रशासन एटा द्वारा जलेसर जात (शनि जात) की जाँच में पदाधिकारियो का दौष पाया गया है। सभी शनि जात के आरोपियों पर F.I.R. की कार्यवाही की गई है एवं शनि जात की भूमि व सम्पत्ति सहित जाँचा परखा गया है। SDM जलेसर अलंकार अग्निहोत्री द्वारा जमीनों की जाँच की गई है जिस भूमि पर अवैध निर्माण भी गये है जिन्हे ढहाने की भी तैयारी की जा रही है….एक यह प्रकरण है।
दूसरा प्रकरण….
कैलाश मंदिर जो कि राजा राव दिलसुःख राय द्वारा सम्बत 1924 में निर्मित कराया गया है। मंदिर के इतिहास की खोज की जाये तो बहुत पुराना है और प्राचीन भी है। वही कई किवदंतीय भी सामने आती रहती है। लेकिन मामला कहानियो से जुड़ा कतई नहीं है….यह मामला है सीधा-सीधा गबन का …यह वही गबन है जो जलेसर जात में देखने को मिला था…
कैलाश मंदिर परिसर बहुत बड़ा भी है और विशाल भी… इस मंदिर के पुरोहित के पास मंदिर के गुल्लक की चाबी है।अगर इस मंदिर की जाँच की जाये तो करोङो रूपये का गबन देखने को मिलेगा।क्योंकि इस मंदिर के चढ़ावे पर उक्त ट्रस्ट के स्वामित्व राजा के पास सुरक्षित होने के वावजूद मंदिर के पुजारी नें अपना अधिपत्य जमा रखा है। राजा राव मुकुल मान सिंह की जमीनों पर भी अवैध कब्जे किए गये है।
इस मंदिर के चारों तरफ अगर देखे तो राजा राव मुकुल मान सिंह की पूरी संपप्ति पर अराजक तत्वों नें कब्ज़ा कर रखा है। जब कि राजा राव मुकुल मान सिंह की इस मंदिर परिसर की पूरी सम्पत्ति को यहीं अराजक तत्व ही अवैध बताने से नहीं चूक रहें है।प्रशासन एटा को भी भ्रमित करने का काम भी यहीं अराजक तत्व कर रहें है।
मंदिर के पोरोहित नें अभी तक इस पूरे चढ़ाबे का लेखा-जोखा भी देने की जहमत नहीं की है।जब कि जिला प्रशासन द्वारा शनि जात (जलेसर जात )के चढ़ाबे पर अपना अधिकार कर लिया है।फिर कैलाश मंदिर चढ़ावे पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं…..
कैलाश मंदिर के चढ़ावे में हो रहें खेल पर भी जाँच होनी चाहिए, क्योंकि कैलाश मंदिर में जिस चढ़ावे पर अराजक तत्वों नें कुंडली मार रखी है। वह भी धन जनता का धन है।जिसे मंदिर परिसर के आस-पास के निवासी राजा मुकुल मान सिंह को अराजक कहते है।जब कि इस मंदिर से लगी सभी भूमि पर अराजक लोगों नें कब्ज़ा कर रखा है. मंदिर के चढ़ावे पर भी बंदरवाट किया जा रहा है जो कि प्रशासन की आँखों में धूल झोकने के समान है।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल द्वारा श्री आर्ष गुरुकुल की जमीन से बेदखल किए गये कब्ज़ाधारी… पूरी कहानी कल!!!
क्या! कैलाश मंदिर भी जिलाधिकारी एटा अंकित कुमार अग्रवाल से न्याय चाहता है
मंदिर के आस-पास बसे अराजक तत्वों की पूरी कुंडली खंगाल कर रखेंगे जनता के सामने..