
#सिर्फयूक्रेनबालेहीछात्रक्यों—
भारत एक बड़ी आवादी बाला देश है सरकारों को कमसे कम वह सुविधाएं मुहैया करनी चाहिये शिक्षा के क्षेत्र मे जो पराए देशों मे अपना भविष्य देखने के लिये नहीं जाना पड़े आज भी हमारे देश और जिलों मे सम्मान की जिंदगी और कैरियर रोजी रोटी की ब्यबस्था नहीं है परिणाम नई पीढी पथ भ्रमित और परिवार के आगे संसाधनों के अभाव है हर जिला स्तर पर सरकारों को कुछना कुछ उद्योगों की ब्यबस्था करनी चाहिए यूक्रेन के छात्रों की दर्द भरी कहानी भी सरकारों की देन मे सामिल होती है जो पराधीनता के शिकार हमारे देशके वह बच्चे हो जाते जो कम पैसों मे उज्वल भविष्य बनाने गये थे मै प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सराहना करती हूँ कि सभी बच्चों को सुरक्षित निकालकर माता पिता की ममता को लौटाकर सम्मान की जिंदगी दुवारा जीने के लिये वतन बापसी की है,आज घोषणाएं की जा रही है कि उन सभी बच्चों को डाक्टर बनाने की कोशिश की जाएगी जो अधूरी शिक्षा छोड़कर वतन लौटे है तब सरकारों से यही कहना चाहूंगी कि हर घटना मे कुछ अच्छे कुछ बुरे रहस्य छुपे होते है जैसेकि यूक्रेन और रूस का युद्ध हादसा भारतवासियों के लिये बड़ा उधारण हो सकता है शिक्षा के क्षेत्र मे मैतो सरकारों से यही कह सकती हूँ कि बच्चे देशका भविष्य है इनके लिये अपने वतन की जमीन पर हर सुविधा मुहैया होनी चाहिये ताकि पराए देशों के मुंहताज ना रहे।
लेखिका, पत्रकार, दीप्ति चौहान।