पहले चरण की वोटिंग से गदगद है गठबंधन
बीजेपी का दावा, जनता ने हमें दिया आर्शीवाद
कहीं वोटिंग मशीने खराब मिलीं तो कहीं वोटरों का नाम ही नहीं था लिस्ट में
आखिर इलेक्शन कमीशन किस बात की तैयारी करता है चुनावों से पहले?

लखनऊ । यूपी विधानसभा 2022 इलेक्शन का पहला दौर समाप्त हुआ, तकरीबन 60 से 65 प्रतिशत तक वोटिंग हुई, जहां शहरी इलाकों में वोट प्रतिशत कम रहा वहीं ग्रामीण क्षेत्र में लोगों ने बढ़चढ़ कर अपने अधिकारों का प्रगोग करते हुये वाट डाला।
मैंने देखा कि वोट डालकर निकलता वोटर अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ बता रहा था कि उसने सत्ता पक्ष के विपरीत वोट दिया है और वह इस बार गठबंधन की सरकार बनवाना चाहता है, मुजफ्फर नगर, शामली, कैराना, मेरठ आदि सभी 58 सीटों पर वोट डालकर निकलता वोटर 90 प्रतिशत गठबंधन को जिताने की बात करता रहा। महंगाई, भ्रष्टाचार, हिन्दु-मुस्लिम की राजनीति तथा किसानों की विरोधी सरकार को हटाने के लिये ग्रामीण इलाकों में वोटरों ने जिस तरह बढ़चढ़ कर बीजेपी विरोध में वोट डाला उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक तरफा वोट ही पड़ा होगा और बाकी बचे चरणों में भी कुछ ऐसा ही हो सकता है।
इसके उलट बीजेपी खेमा पहले चरण की वोटिंग को अपने हक में बता रहा है, प्रधानमंत्री मोदी हो या मुख्यमंत्री योगी या कोई अन्य बीजेपी नेता उन सबका मानना है कि जनता ने एक बार फिर उन्हीं पर भरोसा जताया है और प्रदेश की सरकार के कामों को देखते हुये एक बार फिर से वह बीजेपी की सरकार चाहती है इसीलिये जनता ने बीजेपी के हक़ में मतदान किया है।
अब सवाल है कि बीजेपी को इतना यकीन क्यों है कि जनता ने उसके हक़ में मतदान किया है जबकि मतदाता डंके की चोट पर यह कहते नहीं थक रहा कि इस बार वोटिंग बदलाव के लिये की गई है गठबंधन की सरकार के लिये की गयी है।
मेरे भी मन में कुछ सवाल है कि ऐन चुनाव के दिन ही मशीने क्यों खराब होती है, कहीं मशीन ठीक होती है तो उसमे पेपर रोल नहीं होता, कहीं ठीक से बटन नहीं काम करते और तो और कहीं-कहीं टूटी और खराब मशीने, सही मशीनों की अपेक्षा ज्यादा होती है, ऐसे में चुनाव आयोग से सवाल नहीं करना चाहिये कि आखिर वह किस बात की तैयारी करता है, कई कई महीनों की तैयारी के बाद भी जब वोटिंग में दौरान जनता को असुविधा होती है तो फिर किस बात की तैयारी का बखान किया जाता है। इलेक्शन कमीशन से मेरा निवेदन है कि कृपया अगले बाकी बचे चरणों में वोटरों को असुविधा न हो इसके लिये प्रयास करें ताकि सम्र्पूण प्रदेश में आसानी के साथ चुनाव कराये जा सकें।