गुजरात : लॉकडाउन की बेबसी! बीमार बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली, पैसे भी नहीं थे, ठेले पर लिटाकर दो किमी दूर हॉस्पिटल लेकर पहुंची मां
राजकोट : कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन के बीच यहां जेतपुर में एक विधवा मां को अपने बीमार बेटे को हॉस्पिटल ले जाने के लिए हाथ ठेले का सहारा लेना पड़ा। इससे पहले वह एंबुलेंस के लिए परेशान रही। मदद के लिए लोगों के सामने हाथ फैलाए। लेकिन, निराशा हाथ लगी।
लॉकडाउन के चलते एंबुलेंस नहीं मिली। बाद में महिला ने बेटे को हाथ ठेले पर लिटाया और तेज धूप में धक्के देकर हॉस्पिटल जाने के लिए निकली। बताया गया कि कुछ दिन पहले उसके बेटे का एक्सीडेंट हुआ था। अचानक दर्द बढ़ने पर बेटा कराह रहा था। महिला ने एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर 108 पर फोन किया तो जवाब मिला कि गाड़ी जूनागढ़ गई है।
मामला राजकोट के जेतपुर नगर पालिका का है। महिला को जब एंबुलेंस नहीं मिली तो एक ठेले वाले ने मदद की। महिला रास्ते भर हाथ ठेले में धक्का लगाती रही।
हॉस्पिटल में मरीज की जांच के बाद डॉक्टर्स ने उसे जूनागढ़ रेफर कर दिया। अब मुसीबत यह थी कि हॉस्पिटल में एंबुलेंस नहीं थी। जूनागढ़ कैसे पहुंचा जाए, किराए के लिए भी रुपए नहीं थे। मजबूर मां की आपबीती सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। फिलहाल, प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया।
महिला के पास इलाज करवाने के लिए पैसे भी नहीं थे। ऐसे में वह बेटे को ठेले पर लिटाकर मदद की उम्मीद करती रही।